छत्तीसगढ़ में चल रही सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के अंतर्गत दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी सूचना सामने आई है। उच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण निर्देश के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने अपने पूर्व भर्ती विज्ञापन में संशोधन करते हुए नया और विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस ताज़ा बदलाव के बाद अब विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग अभ्यर्थी भी तय प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर किया गया बदलाव
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में संशोधन किए जाने का यह अहम फैसला उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही लिया गया है। अदालत के रुख को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने अपने नियमों में बदलाव किया और संशोधित विज्ञापन सार्वजनिक किया है। इस प्रशासनिक निर्णय से उन तमाम दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए चयन प्रक्रिया के दरवाजे खुल गए हैं जो पहले इस प्रक्रिया से वंचित रह जाने की आशंका में थे।
इन श्रेणियों के उम्मीदवारों को मिला मौका
नए संशोधित विज्ञापन के मुताबिक मुख्य रूप से तीन विशेष श्रेणियों के दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन करने का पात्र माना गया है। इनमें ब्लाइंड यानी दृष्टिबाधित, डेफ यानी श्रवण बाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले आवेदक शामिल हैं। शिक्षा विभाग का यह कदम अदालत के आदेशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने और हर योग्य उम्मीदवार को उचित प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कुल 2292 पदों पर हो रही है बहाली
मौजूदा समय में छत्तीसगढ़ के भीतर सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के माध्यम से कुल 2292 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इन कुल पदों का वर्गीकरण किया जाए तो इसमें संवर्ग के 795 पद और टी-संवर्ग के 1497 पद सम्मिलित हैं। अब नए नियमों के जुड़ जाने से इन तमाम पदों के लिए प्रतिस्पर्धा का दायरा और अधिक समावेशी हो गया है।
आवेदन करने से पहले निर्देश अवश्य जांच लें
भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरने से पहले संशोधित विज्ञापन का गहराई से अध्ययन अवश्य कर लें। इस विस्तृत विज्ञापन में पात्रता के तमाम मानदंडों, आवेदन की अंतिम समय-सीमा, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और अन्य महत्वपूर्ण शर्तों का ब्योरा दिया गया है। किसी भी भ्रम की स्थिति से बचने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को ही अंतिम और मान्य माना जाना चाहिए।





















