जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में लंबे समय से चला आ रहा टकराव आखिरकार 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत सफल होने के बाद अधिकारियों ने प्रमुख मांगों पर अपनी सहमति दे दी है। इस फैसले के तुरंत बाद छात्रों ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा कर दी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने के साथ ही शैक्षणिक माहौल पटरी पर लौटने लगा है।
प्रशासन के आधिकारिक आदेश के अहम बिंदु
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मो. मेहताब आलम रिजवी की ओर से जारी आधिकारिक परिपत्र में छात्रों की मांगों के समाधान को लेकर रूपरेखा तय की गई है। इस आदेश के तहत छात्रसंघ बहाली और हालिया तनाव को खत्म करने के लिए तीन बुनियादी कदम उठाए गए हैं
- छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा: जामिया छात्रसंघ के संविधान को औपचारिक मंजूरी मिलने के ठीक 15 दिन बाद विश्वविद्यालय में विधिवत छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस: आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के दौरान विद्यार्थियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस ले ली गई है। इसके तहत सभी सस्पेंशन आदेश और जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं।
- सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई की पड़ताल: प्रदर्शन के दौरान परिसर के सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा उठाए गए कदमों की निष्पक्ष जांच कराने के लिए एक विशेष जांच कमेटी गठित की जाएगी।
समझौते के तहत छात्रों पर लागू होने वाली शर्तें
मांगों को स्वीकार करने के साथ ही प्रशासन ने विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के सामने कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी हैं, जिन पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है। डिमांड लेटर और समझौते के मुताबिक छात्रों को निम्नलिखित प्रतिबद्धताओं का पालन करना होगा
- छात्र एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ दिए गए मानहानिकारक बयानों या टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक माफी मांगी जाएगी।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रशासन के विरुद्ध साझा की गई सभी आपत्तिजनक सामग्री और पोस्ट को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा।
- प्रशासनिक आदेश जारी होने के साथ ही अनशन, भूख हड़ताल और सभी धरना प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से समाप्त माने जाएंगे।
भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 26 अक्टूबर 2026 की सुबह इस समझौते और संबंधित शर्तों के दस्तावेज पर औपचारिक हस्ताक्षर किए। इस सहमति के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने खुशी जाहिर की है और परिसर में आम जनजीवन व कक्षाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है।



















