महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश, सामाजिक समरसता और विरासत संरक्षण पर दिया जोरविदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का सपना होगा पूरा, इन आसान टिप्स से लाखों की स्कॉलरशिप पाना है मु मुमकिनसीहोर में रफ्तार का कहर, कार और बाइक की टक्कर के बाद वाहनों में लगी भीषण आग और दो लोग गंभीर घायलजामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव कराने पर बनी सहमति, भूख हड़ताल खत्मदिल्ली में गाड़ियों की एंट्री पर सख्त पाबंदी, एनसीआर के दस लाख वाहन चालकों की बढ़ेगी मुश्किलरणबीर कपूर को रामायण में भगवान राम का किरदार मिलने पर क्यों छूट गए थे पसीनेकृति सेनन करना चाहती हैं नेगेटिव रोल, करीना कपूर के शो पर गुड गर्ल इमेज से ऊबने की बताई वजहहिमाचल प्रदेश में कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा का विवादित बयान, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के सामने बीमार भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती पर उड़ाया मजाकहैदराबाद में अभी से गहराया जल संकट, अक्टूबर में ही 233 प्रतिशत बढ़ी पानी के टैंकरों की मांगउत्तर प्रदेश के पुरा महादेव मंदिर में सावन पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गैंगस्टर मंजीत महल के करीबी नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल में मौत, 12 संगीन मामलों में था बंदभारत
26 अक्तू॰ 2026, 11:20 am (25 मिनट पहले)· 0

गैंगस्टर मंजीत महल के करीबी नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल में मौत, 12 संगीन मामलों में था बंद

मंजीत महल गिरोह के सक्रिय सदस्य नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल में संदिग्ध दिल का दौरा पड़ने से जान चली गई, जिसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।

दिल्ली के बाहरी इलाकों और नजफगढ़ में संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे नफे सिंह उर्फ मंत्री का तिहाड़ जेल के भीतर निधन हो गया। जेल नंबर 8 में बंद इस कैदी की प्राथमिक तौर पर मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना सामने आई है, हालांकि मौत के वास्तविक चिकित्सीय कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। नफे सिंह कुख्यात मंजीत महल गिरोह का एक बेहद सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी कई संगीन मुकदमे दर्ज थे।

ढाई दशक से आपराधिक गतिविधियों में था शामिल

मूल रूप से दिल्ली के घुम्मनहेड़ा गांव का निवासी नफे सिंह लंबे समय से अपराध जगत से जुड़ा हुआ था। पुलिस अभिलेखों में उसका नाम सबसे पहले वर्ष 1998 में दर्ज किया गया था, जिसके बाद वह लगातार आपराधिक वारदातों में लिप्त होता चला गया। नजफगढ़ और बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों में सक्रिय मंजीत महल गिरोह में शामिल होकर उसने गिरोह के प्रभाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 2015 और 2016 के दौरान जब दिल्ली में विरोधी गुटों के बीच खूनी गैंगवार की कई घटनाएं सामने आई थीं, तब उन वारदातों को अंजाम देने में नफे सिंह का नाम प्रमुखता से उभरा था। अपने विरोधी गिरोहों पर वर्चस्व स्थापित करने और पुरानी रंजिशें साधने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई हिंसक हमलों को अंजाम दिया।

ये भी पढ़ें

हत्या और आर्म्स एक्ट के दर्ज थे 12 गंभीर मामले

नफे सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था, जिसमें कत्ल और जानलेवा हमले जैसे अति गंभीर अपराध शामिल थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके ऊपर कुल 12 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इन मुकदमों में तीन मामले सीधे तौर पर हत्या के थे, जबकि अन्य मामले हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे। इलाके में अपनी दहशत फैलाने के लिए वह आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकता था।

स्पेशल सेल की गिरफ्त में आया था 2017 में

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नफे सिंह की तलाश में लगातार दबिश देने के बाद फरवरी 2017 में उसे ख्याला इलाके से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक.32 बोर की अवैध पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में तिहाड़ की जेल नंबर आठ में बंद चल रहा था, जहां अब उसकी मौत की खबर सामने आई है।

सवाल-जवाब

नफे सिंह उर्फ मंत्री कौन था?
वह दिल्ली के घुम्मनहेड़ा का रहने वाला एक अपराधी था, जो कुख्यात मंजीत महल गैंग से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
तिहाड़ जेल में उसकी मौत कैसे हुई?
शुरुआती तौर पर मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताई गई है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगी।
नफे सिंह पर कितने आपराधिक मामले दर्ज थे?
उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 12 संगीन मामले दर्ज थे, जिनमें 3 हत्या के केस शामिल थे।
उसे कब और कहां से गिरफ्तार किया गया था?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरवरी 2017 में ख्याला इलाके से उसे .32 बोर की पिस्टल और पांच कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया था।
वह पहली बार पुलिस रिकॉर्ड में कब आया था?
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक नफे सिंह का नाम सबसे पहले वर्ष 1998 में अपराध से जुड़े मामलों में दर्ज हुआ था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp