अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में चार सौ रन का आंकड़ा पार करना किसी दौर में अकल्पनीय माना जाता था, लेकिन आधुनिक दौर में बल्लेबाजों के आक्रामक रुख ने इस प्रारूप की परिभाषा ही बदल दी है। हाल ही में असम की राजधानी गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले के दौरान वेस्टइंडीज ने शानदार खेल दिखाते हुए 405 रनों का विशालकाय पहाड़ खड़ा कर दिया था। इस कैरेबियाई पारी की खास बात यह रही कि वेस्टइंडीज ने अपने इतिहास में पहली मर्तबा 400 या उससे अधिक का स्कोर बनाया। हालांकि मेजबान भारतीय टीम ने पलटवार करते हुए 406 रन बनाकर इस नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य को पा लिया। 50 ओवर क्रिकेट के समूचे इतिहास में ऐसा केवल दूसरी बार दर्ज हुआ जब किसी टीम ने 400 से बड़े लक्ष्य का सफल पीछा किया। इस रोमांचक भिड़ंत के बीच क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उन ऐतिहासिक पारियों पर टिक गई हैं जहां टीमों ने रनों का अंबार लगा दिया था। आइए 50 ओवर फॉर्मेट के उन पांच सबसे विशाल स्कोरों पर नजर डालते हैं जिन्होंने क्रिकेट इतिहास की किताबों को नए सिरे से लिखा।
नीदरलैंड्स के खिलाफ इंग्लैंड की ऐतिहासिक पारी: 498 रन
एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में सर्वोच्च स्कोर का ताज इंग्लैंड के सिर पर सजा हुआ है। साल 2022 में एमस्टेलवीन में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने डच गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 498 रन बना डाले थे। उस मैच में इंग्लिश बल्लेबाजी क्रम ने शुरुआत से लेकर आखिर तक आक्रामकता जारी रखी। टीम के तीन प्रमुख बल्लेबाजों ने शतक जमाए, जिनमें फिल साल्ट ने 122 रन और डेविड मलान ने 125 रनों की पारी खेली, जबकि जोस बटलर ने केवल मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए नाबाद 162 रन जोड़े। पारी के अंतिम पलों में लियाम लिविंगस्टोन ने ताबड़तोड़ अंदाज में नाबाद 66 रन जड़कर स्कोर को पांच सौ के बेहद करीब पहुंचा दिया। इसके जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 49.4 ओवरों में 266 रनों पर सिमट गई और इस तरह इंग्लैंड ने 232 रनों के भारी अंतर से मुकाबला अपने नाम किया।
नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी तहस नहस: 481 रन
सूची में दूसरे पायदान पर भी ब्रिटिश टीम का ही कब्जा है। साल 2018 में नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर इंग्लैंड ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 ओवरों में 6 विकेट गंवाकर 481 रन बनाए थे। इस मुकाबले में इंग्लिश ओपनर जॉनी बेयरस्टो ने कंगारू आक्रमण के परखच्चे उड़ाते हुए 139 रन बनाए, वहीं एलेक्स हेल्स ने तूफानी अंदाज दिखाते हुए 147 रनों की यादगार पारी खेली। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस विशाल लक्ष्य के भारी दबाव को बिल्कुल नहीं झेल सकी और 37 ओवरों के भीतर महज 239 रनों पर ढेर हो गई। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने 242 रनों के विशाल फासले से एकतरफा जीत दर्ज की थी।
पाकिस्तान के विरुद्ध नॉटिंघम में इंग्लिश बल्लेबाजों की आतिशबाजी: 444 रन
विश्व क्रिकेट में तीसरा सबसे बड़ा टीम टोटल भी इंग्लैंड के ही खाते में दर्ज है। साल 2016 में नॉटिंघम के मैदान पर पाकिस्तानी गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 3 विकेट खोकर 444 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया था। इस पारी के मुख्य नायक एलेक्स हेल्स रहे, जिन्होंने 122 गेंदों का सामना करते हुए 171 रन बनाए। इसके साथ ही जो रूट, जोस बटलर और कप्तान इयोन मोर्गन ने भी तेज तर्रार अर्धशतकीय पारियां खेलकर स्कोर को आसमान पर पहुंचाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 42.4 ओवरों में 275 रनों पर ढेर हो गई और इंग्लैंड ने इस मुकाबले को 169 रनों से जीत लिया।
नीदरलैंड्स के सामने सनथ जयसूर्या और तिलकरत्ने दिलशान का जलवा: 443 रन
वनडे इतिहास का चौथा सबसे बड़ा स्कोर एशियाई दिग्गज श्रीलंका के नाम है। साल 2006 में एमस्टेलवीन में नीदरलैंड्स के विरुद्ध खेलते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 443 रन बनाए थे। इस मैच में विस्फोटक ओपनर सनथ जयसूर्या ने आतिशी अंदाज में 157 रनों की पारी खेली, जबकि मध्यक्रम में तिलकरत्ने दिलशान ने नाबाद 117 रन बनाए। विशाल स्कोर के दबाव में मेजबान नीदरलैंड्स की पूरी टीम 248 रनों पर सिमट गई और श्रीलंका ने 195 रनों के अंतर से यह मुकाबला अपने नाम किया था।
जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका का तूफान और डिविलियर्स का सबसे तेज शतक: 439 रन
सूची में पांचवां सबसे बड़ा स्कोर साउथ अफ्रीका के नाम दर्ज है। साल 2015 में जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए अफ्रीकी टीम ने 50 ओवरों में केवल 2 विकेट गंवाकर 439 रन बना डाले थे। इस मैच में हाशिम अमला ने नाबाद 153 रनों की सधी हुई पारी खेली और राइली रूसो ने 128 रन बनाए। वहीं क्रीज पर आते ही एबी डिविलियर्स ने मैदान पर ऐसा तूफान खड़ा किया कि वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक बन गया। उन्होंने महज 44 गेंदों पर 149 रन कूट दिए। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 50 ओवरों में 7 विकेट पर 291 रन ही जोड़ सकी और साउथ अफ्रीका ने 148 रनों से मैच जीत लिया।


















