अमेरिकी क्रिकेट टीम ने आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अपने गेंदबाजी आक्रमण को नए सिरे से मजबूती दी है। टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाजों में शुमार 35 वर्षीय अली खान की तीन साल से भी अधिक समय के बाद एकदिवसीय प्रारूप में वापसी हो गई है। उन्होंने अपना पिछला वनडे मुकाबला जिम्बाब्वे में आयोजित वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स के दौरान खेला था। अब अगले वर्ष फरवरी में अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स से पहले अमेरिकी टीम अपनी अंतिम वनडे शृंखला की तैयारियों में जुटी है, जिसके मद्देनजर चयनकर्ताओं ने एक बार फिर अपने इस प्रमुख स्ट्राइक गेंदबाज को टीम में शामिल करने का फैसला किया है।
जसदीप सिंह की भी स्क्वॉड में वापसी
टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के बीच हुई विस्तृत बातचीत के बाद अनुभवी गेंदबाज अली खान के चयन पर अंतिम मुहर लगी। क्वालिफायर्स जैसे बड़े मुकाबले से पूर्व टीम प्रबंधन अपना सबसे संतुलित और मजबूत संयोजन तैयार करना चाहता था। अली खान के साथ-साथ तेज गेंदबाज और पूर्व उप-कप्तान जसदीप सिंह भी टीम में लौट आए हैं। जसदीप चोट के चलते पिछले काफी समय से मैदान से दूर थे। उन्होंने जून में एमएलसी टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वे राष्ट्रीय टीम की गेंदबाजी इकाई का हिस्सा बन चुके हैं।
रुशिल उगरकर और ऋत्विक अप्पिडी हुए बाहर
दो बेहद अनुभवी तेज गेंदबाजों के आने का असर हालिया मैचों में खेलने वाले युवा खिलाड़ियों पर पड़ा है। अली खान और जसदीप सिंह को जगह देने के लिए रुशिल उगरकर और युवा तेज गेंदबाज ऋत्विक अप्पिडी को मुख्य स्क्वॉड से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। 23 वर्षीय रुशिल उगरकर का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा था, इसके बावजूद वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव को तरजीह दिए जाने के कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा है। रुशिल ने 6 मुकाबलों में 12 विकेट अपने नाम किए थे और इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट भी 6 से नीचे रहा था। दुबई में खेले गए मुकाबले में उन्होंने घातक स्पेल डालते हुए यूएई के शीर्ष क्रम को ध्वस्त किया था और अकेले ही 5 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम को सस्ते में समेटने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
वर्ल्ड कप लीग 2 में शीर्ष पर पहुंचने की दौड़
अमेरिकी टीम के सामने वर्ल्ड कप लीग 2 अभियान को शीर्ष पर रहते हुए समाप्त करने का बेहतरीन मौका बना हुआ है। टीम को अगले 10 दिनों की अवधि में कुल 4 एकदिवसीय मैच खेलने हैं। इन आगामी 4 मुकाबलों में से यदि अमेरिकी टीम केवल 2 मैच जीतने में सफल हो जाती है, तो वह अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी जगह पक्की कर लेगी। 3 साल के लंबे और कठिन सफर के दौरान खेले गए 36 मैचों में अमेरिकी टीम की कुल जीतों की संख्या 23 तक पहुंच जाएगी। इस निर्णायक अभियान की शुरुआत सोमवार को हो रही है, जहां अमेरिकी टीम त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला के पहले मुकाबले में यूएई के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।


















