दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए महिला टी20 एशिया कप 2026 के 9वें मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को बुरी तरह रौंद दिया। पाकिस्तानी बल्लेबाज सिर्फ 55 रन पर ही सिमट गईं और भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट के बड़े अंतर से आसानी से अपने नाम कर लिया। इस करारी हार ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल की रेस में मुश्किल हालात में डाल दिया है, टीम को अब आगे बढ़ने के लिए ग्रुप स्तर के अपने आखिरी मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
हार के बावजूद खिताब जीतने का दावा बरकरार
इतनी बड़ी हार के बाद भी पाकिस्तानी खेमे का हौसला कम नहीं हुआ। टीम के सपोर्ट स्टाफ में मेंटर की भूमिका निभा रहे पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी वहाब रियाज मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे और हार स्वीकार करते हुए भी टीम पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "मुझे अब भी लगता है कि इस एशिया कप की ट्रॉफी जीतने के लिए पाकिस्तान सबसे अच्छी टीम है।" वहाब रियाज ने आगे बताया कि दुबई की पिच बल्लेबाजी के लिहाज से अच्छी थी और टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का पाकिस्तान का फैसला भी गलत नहीं था, लेकिन इतने बड़े मुकाबले का दबाव झेलने में उनकी खिलाड़ी नाकाम रहीं और पूरी बल्लेबाजी क्रम भरभराकर गिर गया।
मानसिक मजबूती पर होगा काम, अगला निशाना हांगकांग
वहाब रियाज ने खुलकर माना कि भारत के खिलाफ दबाव में आना ही टीम की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। उन्होंने कहा कि सपोर्ट स्टाफ अब खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती पर मेहनत करेगा और हर खिलाड़ी को यह समझाया जाएगा कि मैच के दौरान उससे कहां और क्यों गलती हुई। उनके मुताबिक टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस खिलाड़ियों को खुद पर यकीन करने की जरूरत है। पाकिस्तान का अगला मुकाबला हांगकांग की टीम से खेला जाना है और इससे पहले टीम प्रबंधन भारत के खिलाफ हुई गलतियों पर गहराई से चर्चा करेगा, ताकि आगे की भिड़ंत में वही चूक दोबारा न दोहराई जाए।
इस हार के साथ ही पाकिस्तान के लिए ग्रुप चरण का गणित भी उलझ गया है। टीम प्रबंधन को अच्छी तरह पता है कि आखिरी लीग मुकाबले में जीत के बिना सेमीफाइनल का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा, इसलिए वहाब रियाज के बयान में यही उम्मीद झलकती है कि हार से सबक लेकर टीम बचे हुए मुकाबलों में वापसी करेगी। 55 रन पर ऑलआउट होना पाकिस्तान की टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में सबसे कम स्कोर में गिना जा रहा है, जिससे टीम की बल्लेबाजी क्षमता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हांगकांग के खिलाफ मुकाबले से पहले पूरी टीम पर अब अपनी साख बचाने का दबाव रहेगा।


















