घर में जब समझ नहीं आता कि आलू को किस अंदाज में बनाया जाए, तो भावनगरी मिर्च के साथ तैयार होने वाली यह मसालेदार सब्जी किचन का जायका पूरी तरह बदल सकती है। मुट्ठी भर मसालों और महज 20 मिनट में तैयार होने वाली इस डिश की असली ताकत है दही में घुला मसाला और अच्छी तरह भुनी हुई मिर्च, जो साथ मिलकर स्वाद और खुशबू दोनों को कई गुना बढ़ा देते हैं। सामग्री कम होने की वजह से हर मसाले का असर सीधे स्वाद में महसूस होता है, इसलिए मात्रा और पकाने का तरीका दोनों पर खास ध्यान देना जरूरी है।
क्या-क्या चाहिए इस सब्जी के लिए
सबसे पहले 1 इंच अदरक, 2-3 कली लहसुन और 1 हरी मिर्च को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। इसके साथ डेढ़ टेबलस्पून तेल, आधा टीस्पून जीरा, चौथाई टीस्पून मेथी दाना, एक चुटकी कलौंजी, 6 से 7 भावनगरी मिर्च, स्वादानुसार नमक, एक बड़ा कटा हुआ टमाटर और 3-4 उबले आलू पास रखें। साथ ही 2 टेबलस्पून पानी, जरूरत भर अतिरिक्त पानी, एक टेबलस्पून कटा हरा धनिया और आधा टीस्पून घी भी लगेगा। इतनी आम और आसानी से मिलने वाली चीजों से ही यह सब्जी पूरी तरह तैयार हो जाती है, इसलिए इसके लिए अलग से बाजार जाने की भी जरूरत शायद ही पड़े।
दही में घुला मसाला है असली कमाल
इस सब्जी को बाकी आलू की सब्जियों से अलग बनाने वाली तरकीब है मसालों को दही में घोलना। एक कटोरी में एक तिहाई कप दही अच्छी तरह फेंट लें और उसमें चौथाई टीस्पून हल्दी, आधा टीस्पून देगी लाल मिर्च पाउडर, आधा टेबलस्पून धनिया पाउडर और एक चुटकी हींग डालकर एकसार कर लें। यह घोल जब सही वक्त पर कड़ाही में डाला जाता है, तो ग्रेवी का रंग गहरा और स्वाद कहीं ज्यादा संतुलित हो जाता है। सब्जी तैयार होने के बाद ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया छिड़ककर गरमागरम परोसा जा सकता है।
भुनी हुई भावनगरी मिर्च से आता है असली ट्विस्ट
इस रेसिपी का असली मजा भावनगरी मिर्च को अच्छी तरह भूनने में छिपा है। आलू, भावनगरी मिर्च और टमाटर इसके मुख्य आधार हैं, जबकि जीरा, मेथी दाना, कलौंजी, अदरक-लहसुन का पेस्ट और सूखे मसाले इसमें गहराई जोड़ने का काम करते हैं। दही सब्जी में हल्की खटास घोलने के साथ-साथ सारे मसालों को आपस में बांधकर एकसार करने का भी काम करता है। मिर्च को धीमी आंच पर हल्का भूरा होने तक भूनने से ही उसकी असली खुशबू और तीखापन बाहर निकलकर पूरी सब्जी में फैल पाता है।
मसाले सीधे तेल में क्यों नहीं डालने चाहिए
ज्यादातर घरों में मसाले सीधे गरम तेल में डाल दिए जाते हैं, लेकिन इससे मसाले चंद सेकंड में ही जलने का खतरा रहता है और सब्जी का स्वाद कड़वा या धुएं जैसा हो सकता है। यही वजह है कि इस रेसिपी में मसालों को पहले दही के साथ घोलकर तैयार किया जाता है और उसके बाद ही कड़ाही में डाला जाता है। दही या थोड़े पानी में घुले मसाले धीरे-धीरे और बराबर पकते हैं, जिससे उनकी कच्ची महक तो पूरी तरह निकल जाती है, लेकिन जलने या कड़वाहट आने का डर नहीं रहता।
ऐसे बनाएं आलू-भावनगरी मिर्च की सब्जी
उबले हुए आलू छीलकर चार टुकड़ों में काट लें। अब पैन में तेल गरम करें और उसमें जीरा, मेथी दाना और कलौंजी डालकर चटकने दें। इसके बाद कुटा हुआ अदरक-लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट डालें। फिर भावनगरी मिर्च डालकर हल्का भूरा होने तक भूनें और स्वादानुसार नमक मिलाएं। कटा हुआ टमाटर डालकर कुछ देर तक पकाएं, फिर पहले से तैयार दही-मसाला मिश्रण डालकर तेज आंच पर तब तक चलाते रहें जब तक मसालों की कच्ची महक पूरी तरह खत्म न हो जाए। अब कटे हुए उबले आलू डालकर अच्छी तरह मिलाएं और जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर ढककर कुछ मिनट पकने दें। आखिर में हरा धनिया और आधा चम्मच घी डालकर सब्जी को आखिरी फिनिशिंग टच दें।
कम सामग्री में तैयार होने वाली झटपट डिश
इस सब्जी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसे बनाने में मुश्किल से 20 मिनट का समय लगता है और इसकी सारी सामग्री लगभग हर रसोई में आसानी से मौजूद रहती है। रोटी, पराठे या दाल-चावल में से किसी के भी साथ परोसने पर यह सब्जी पूरे खाने का स्वाद बढ़ा देती है। सीमित बजट और थोड़े-से मसालों में तैयार होने वाली यह रेसिपी रोज की सामान्य आलू की सब्जी को एक नया और चटपटा अंदाज देने का बेहद आसान तरीका साबित हो सकती है, खासकर उन दिनों में जब कुछ नया बनाने का मन तो हो लेकिन समय और सामग्री दोनों सीमित हों।


















