इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेल रही पाकिस्तान की टीम के लिए मैदान की हार अब मैदान के बाहर की मुसीबतों में बदल गई है। सीरीज के पहले दो मुकाबले गंवाकर टीम पहले ही सीरीज हार चुकी है और अब तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले सभी खिलाड़ियों के मोबाइल फोन पीसीबी ने अपने पास जमा करवा लिए हैं।
दूसरे टेस्ट की हार के बाद मची उथल-पुथल
दूसरे टेस्ट में मिली हार के बाद पाकिस्तानी टीम प्रबंधन में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। टीम के हेड सरफराज अहमद समेत कुल 7 खिलाड़ियों को दौरे के बीच में ही वापस पाकिस्तान बुला लिया गया। सीरीज पहले ही हाथ से निकल चुकी थी, ऐसे में इस अचानक हुए बदलाव ने टीम के भीतर की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।
सभी खिलाड़ियों के फोन बोर्ड की तिजोरी में
तीसरे टेस्ट की तैयारियों के बीच अब यह सामने आया है कि टीम के सभी खिलाड़ियों ने अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पीसीबी के हवाले कर दिए हैं। ये सारे डिवाइस सीरीज के आखिरी टेस्ट के खत्म होने तक बोर्ड की निगरानी में ही रहेंगे। किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं, इसकी पहचान उजागर नहीं की गई है और पीसीबी ने भी अब तक सार्वजनिक तौर पर यह नहीं बताया कि आखिर इन उपकरणों को अपने कब्जे में क्यों लिया गया है।
क्या फिर मंडराने लगा फिक्सिंग का साया?
क्रिकेट में आमतौर पर बोर्ड किसी सीरीज के दौरान खिलाड़ियों के मोबाइल फोन तभी जब्त करते हैं जब भ्रष्टाचार या मैच फिक्सिंग जैसी गतिविधियों को लेकर शक पैदा हो जाता है। यही वजह है कि तीसरे टेस्ट से ठीक पहले सामने आई इस खबर ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सीरीज में मिली करारी हार, टीम प्रबंधन में हुई अफरातफरी और अब फोन जब्त किए जाने की खबर, इन तीनों घटनाओं ने मिलकर एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट पर फिक्सिंग की आशंका के बादल गहरा दिए हैं।



















