भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को कमान सौंपे जाने के दौर में शुभमन गिल ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। खेल के सबसे छोटे और पचास ओवरों के फॉर्मेट में नेतृत्व संभालते हुए उन्होंने अपने व्यक्तिगत खेल के स्तर को गिरने नहीं दिया। टीम की कमान हाथ में आने के बावजूद वे लगातार रन जुटा रहे हैं और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में पहले पायदान पर काबिज हो चुके हैं। मैदान पर उनके इस निर्भीक खेल और परिपक्व रणनीति को देखकर अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे भी उनके मुरीद नजर आ रहे हैं।
मैदान पर गिल का मिजाज और बढ़ता आत्मविश्वास
अजिंक्य रहाणे के अनुसार गिल जैसे-जैसे मुकाबले खेल रहे हैं, उनकी कप्तानी और निर्णय लेने की क्षमता में स्पष्ट सुधार दिख रहा है। हर नए दौरे और प्रतियोगिता के साथ वे एक अधिक सुलझे हुए कप्तान के रूप में उभर रहे हैं। रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि एक बल्लेबाज के रूप में उनका खेल असाधारण स्तर का रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि शुभमन गिल के आंकड़े खुद उनकी प्रतिभा की गवाही देते हैं, मगर सबसे खास पहलू उनका निडर होकर क्रीज पर टिके रहना है।
बल्लेबाजी के लिहाज से शुभमन का प्रदर्शन शानदार रहा है।
अड़तीस साल के रहाणे ने बताया कि किसी भी पेशेवर क्रिकेटर के जीवन में रन बनाने की गति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी कोई खिलाड़ी शतक जड़ता है तो कभी अगली पारी में जल्दी पवेलियन लौट जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बल्लेबाज किस सोच और इरादे के साथ क्रीज पर कदम रखता है। गिल का सकारात्मक रुख और उनका शारीरिक हाव-भाव यह साबित करता है कि वे दबाव में बिखरने के बजाय अपने खेल पर पूरा भरोसा रखते हैं। हालिया मुकाबलों में लगातार बड़े स्कोर बनाकर उन्होंने इस भरोसे को और मजबूत किया है।
तेज गेंदबाजों का जलवा और पहले मैच में टीम की जीत
इस बीच भारतीय टीम ने पांच मुकाबलों की एकदिवसीय श्रृंखला के शुरुआती मैच में शानदार शुरुआत दर्ज की है। वर्षा से बाधित इस मुकाबले में भारत ने डकवर्थ लुईस प्रणाली के तहत न्यूजीलैंड पर पांच विकेट से विजय प्राप्त कर 1-0 की बढ़त बना ली। इस मुकाबले में विराट कोहली के बल्ले से निकली तेजतर्रार अर्धशतकीय पारी ने टीम की राह आसान की।
इससे पहले मुकाबले में भारत की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने विपक्षी बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। अर्शदीप सिंह ने सत्तर रन खर्च करके चार महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। वहीं गुरनूर बराड़ ने चवालीस रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि अंशुल कंबोज ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए अपने दस ओवरों के कोटे में सिर्फ बाईस रन दिए और दो विकेट चटकाए। इन तीनों तेज गेंदबाजों ने मिलकर नौ शिकार किए और न्यूजीलैंड की पूरी पारी को 40.2 ओवरों में 185 रनों के मामूली योग पर समेट दिया।



















