ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अनुभवी ओपनर रोहित शर्मा का बल्ला भले ही खामोश रहा हो, लेकिन मैदान पर उनकी मुस्तैदी ने टीम इंडिया के लिए जीत की बुनियाद तैयार कर दी। क्रीज पर बिना खाता खोले वापस लौटने वाले रोहित ने अपनी फुर्ती से डेरिल मिचेल को जिस तरह रन आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया, उसने पूरे मैच का पासा ही पलट कर रख दिया। मुकाबले के समापन के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपने सीनियर साथी के इस फील्डिंग प्रयास की जमकर सराहना की और इसे मुकाबले का निर्णायक मोड़ करार दिया। गिल के अनुसार इस अहम विकेट ने मेजबान टीम पर दबाव बनाया और भारत को मैच में जरूरी गति प्रदान की।
ऑकलैंड में बारिश का साया और विराट का कमाल
बुधवार को खेले गए इस एकदिवसीय मुकाबले में बारिश ने बार-बार खलल डाला, जिसके चलते अंपायरों को कई बार खेल रोकना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने भारत के सामने 186 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया था। इसके बाद मौसम के मिजाज को देखते हुए मैच के ओवर घटाए गए और संशोधित लक्ष्य तय हुआ। डकवर्थ लुईस प्रणाली के तहत भारतीय टीम को शुरुआत में 40 ओवरों के भीतर 167 रन बनाने का टारगेट मिला, जिसे बाद में और कम करते हुए 32 ओवर में 143 रन कर दिया गया। कठिन परिस्थितियों और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर मोर्चा संभाला और 74 रनों की आकर्षक पारी खेलकर टीम को संभाल लिया। भारत ने 22.4 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 143 रन बनाते हुए इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
मिचेल का विकेट और फील्डिंग का असर
मैच खत्म होने के बाद बातचीत करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने अपने गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों के जज्बे को जीत का असली हकदार बताया। गिल ने साफ कहा कि गेंदबाजी इकाई ने परिस्थितियों के हिसाब से सटीक लाइन लेंथ पकड़ी और फील्डरों ने भी उनका पूरा साथ निभाया। कप्तान के मुताबिक रोहित द्वारा डेरिल मिचेल को रन आउट किया जाना सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था, क्योंकि मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के बीच बन रही साझेदारी भारत के लिए खतरनाक साबित हो रही थी। गिल ने याद दिलाया कि भारतीय सरजमीं पर भी इन दोनों की जोड़ी ने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया था, ऐसे में उस समय इस साझेदारी को तोड़ना बेहद जरूरी हो गया था। यह रन आउट टीम के सामूहिक प्रयास और एकजुटता का शानदार उदाहरण बना।
कंबोज और गुरनूर की सटीक गेंदबाजी
शुभमन गिल ने अपनी टीम के दो युवा तेज गेंदबाजों अंशुल कंबोज और गुरनूर बराड़ की गेंदबाजी की भी खुलकर प्रशंसा की। दोनों ही युवा गेंदबाजों ने ईडन पार्क के मददगार माहौल का पूरा फायदा उठाया और कीवी बल्लेबाजों को हाथ खोलने की बिल्कुल भी आजादी नहीं दी। कंबोज ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए अपने कोटे के 10 ओवरों में सिर्फ 22 रन खर्च किए और दो महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित कीं। वहीं दूसरी तरफ गुरनूर बराड़ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 9.2 ओवरों में 44 रन देकर न्यूजीलैंड के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में कामयाबी हासिल की।
कप्तान गिल ने दोनों गेंदबाजों की खूबियों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंशुल कंबोज की गेंदबाजी शैली ऐसी पिचों के लिए एकदम मुफीद है। उनके पास गति के साथ-साथ गेंद को स्विंग और सीम कराने की बेहतरीन कला है, और वह पुरानी गेंद से भी उतने ही असरदार साबित होते हैं। वहीं जब पिच से ज्यादा मदद नहीं मिल पा रही हो, तब गुरनूर अपनी तेज गति और अतिरिक्त उछाल से बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेलने की काबिलियत रखते हैं। पांच मैचों की इस एकदिवसीय सीरीज में भारतीय टीम अब 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी है। दोनों देशों के बीच दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा।



















