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गॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल के पहले शतक के पीछे क्या था राज, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने खोला नया प्लानक्रिकेट
16 अग॰ 2026, 12:43 am (2 घंटे पहले)· 0

गॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल के पहले शतक के पीछे क्या था राज, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने खोला नया प्लान

श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दिन देवदत्त पडिक्कल ने नाबाद 131 रनों की शानदार पारी खेली। भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पडिक्कल की तकनीकी तैयारी और बैकफुट गेम की योजना का खुलासा किया।

श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत स्थिति हासिल कर ली है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का पहला शतक जड़कर भारतीय पारी को संभाला। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए थे, जिसमें पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर डटे हुए थे। उनकी इस संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने गॉल की चुनौतीपूर्ण पिच पर शिकंजा कस लिया है।

विशेष तैयारी और बैकफुट गेम पर दिया गया ध्यान

दिन का खेल समाप्त होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पडिक्कल की जमकर सराहना की। कोटक ने बताया कि इस टेस्ट सीरीज से पहले पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी तकनीकों पर बहुत बारीक काम किया था। जब कोई खिलाड़ी टीम में अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार करता है और मौका मिलने पर ऐसा प्रदर्शन करता है, तो प्रबंधन के लिए यह बेहद खुशी की बात होती है। अभ्यास मैचों और अभ्यास सत्रों के दौरान पडिक्कल का रवैया बेहद सकारात्मक रहा था।

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कोटक ने खुलासा किया कि पडिक्कल ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी यानी एनसीए (बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में अपनी कमियों को दूर करने के लिए काफी पसीना बहाया। जब एशियाई उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिनरों से टर्न मिलने की संभावना होती है, तो बैकफुट गेम बेहद अहम हो जाता है। एनसीए में पडिक्कल ने अपने बैकफुट प्ले, क्रीज का इस्तेमाल करके आगे निकलकर शॉट खेलने और स्वीप शॉट्स की तकनीक को निखारने पर विशेष ध्यान दिया। उनकी इस समर्पित तैयारी का नतीजा अब मैदान पर साफ दिखाई दे रहा है।

मैदान पर रणनीति का सटीक निष्पादन: स्वीप शॉट और जयसूर्या पर हमला

गॉल टेस्ट की पहली पारी में पडिक्कल की बल्लेबाजी में कोचिंग का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्होंने श्रीलंकाई स्पिनरों की विविधताओं का सामना करते हुए अधिकतर समय बैकफुट पर रहकर आसानी से रन बनाए। जब भी मेजबान गेंदबाजों ने दबाव बनाने की कोशिश की, पडिक्कल ने कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए स्पिनरों पर हावी होने की रणनीति अपनाई। बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या के खिलाफ आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से लगाया गया उनका छक्का उनके आत्मविश्वास और तकनीकी स्पष्टता का सबसे बड़ा प्रमाण था।

इसके अलावा पडिक्कल ने श्रीलंकाई स्पिन आक्रमण को ध्वस्त करने के लिए स्वीप शॉट्स का भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी 131 रनों की नाबाद पारी में से लगभग 40 रन अकेले स्वीप शॉट्स के जरिए बटोरे। गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांपकर सही शॉट चुनना उनकी इस यादगार पारी की सबसे बड़ी खासियत रही।

टीम में प्रतिस्पर्धा और बल्लेबाजी क्रम का लचीलापन

पडिक्कल के इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अब टीम चयन को लेकर एक दिलचस्प चर्चा शुरू हो गई है। नियमित रूप से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले साई सुदर्शन पैर की अंगुली की चोट से उबरकर वापसी करने वाले हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आने वाले मैचों में शीर्ष क्रम की भूमिका किस खिलाड़ी को दी जाएगी। इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन के लिए बल्लेबाजी क्रम का नंबर उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि परिस्थितियों के अनुसार ढलना।

कोटक ने कहा, "हमारे लिए यह नंबर तीन, चार या पांच से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को कैसे ढालते हैं।" उन्होंने आगे समझाया कि पडिक्कल और साई सुदर्शन दोनों ही नए गेंद का सामना करने में सक्षम शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं। वे पारी की शुरुआत भी कर सकते हैं और तीसरे नंबर पर भी मजबूती से खेल सकते हैं। टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखने में विश्वास रखता है ताकि मैच के विभिन्न चरणों में परिस्थितियों के अनुसार सर्वोत्तम निर्णय लिया जा सके।

सवाल-जवाब

गॉल टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने कितने रन बनाए?
देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट के पहले दिन श्रीलंका के खिलाफ तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 131 रन बनाए।
पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर क्या था?
पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए थे।
सितांशु कोटक ने पडिक्कल की तैयारी के बारे में क्या खुलासा किया?
बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बताया कि पडिक्कल ने एनसीए में अपने बैकफुट गेम, स्वीप शॉट्स और स्पिनरों के खिलाफ क्रीज से आगे निकलने की तकनीक पर विशेष काम किया था।
पडिक्कल ने अपनी पारी में स्वीप शॉट्स से कितने रन जुटाए?
पडिक्कल ने अपनी 131 रनों की नाबाद पारी में स्वीप शॉट्स का शानदार इस्तेमाल करते हुए लगभग 40 रन बनाए।
साई सुदर्शन की वापसी पर बल्लेबाजी कोच का क्या रुख है?
कोटक ने कहा कि टीम बल्लेबाजी क्रम को लेकर लचीली है और उनके लिए तय नंबर से ज्यादा महत्वपूर्ण खिलाड़ियों का परिस्थितियों के अनुसार ढलना है।
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