एशियन गेम्स 2026 के तीरंदाजी मैदान पर भारत की 17 वर्षीय युवा खिलाड़ी कुमकुम मोहोद ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता के रिकर्व वर्ग में पदक जीतने वाली वह भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। खिताबी भिड़ंत में उनका सामना साउथ कोरिया की दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन से था, जहां दोनों के बीच पांच सेट तक बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली। निर्धारित सेट बराबरी पर छूटने के बाद मुकाबले का फैसला रोमांचक शूट ऑफ में हुआ, जहां भारतीय तीरंदाज ने नसों पर काबू रखते हुए सोने पर सटीक निशाना साधा।
इस स्वर्णिम सफलता के साथ भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में साल 1978 से चला आ रहा 48 साल का लंबा इंतजार भी खत्म हो गया। महिला इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा में भारत का यह पहला पदक है। इस ऐतिहासिक विजय ने कुमकुम मोहोद के लिए एक और बड़ा दरवाजा खोल दिया है, क्योंकि उन्होंने साल 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले आगामी ओलंपिक गेम्स के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है।
शुरुआती झटकों के बाद तीसरे सेट में दर्ज की शानदार वापसी
गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में नहीं रही थी। पहले दो सेट के खेल के बाद वह 3-1 के अंतर से पीछे चल रही थीं। साउथ कोरियाई खिलाड़ी ओह येजिन ने पहले सेट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए उसे अपने नाम किया, जबकि दूसरा सेट दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी पर समाप्त हुआ। अंकों के इस समीकरण की वजह से कुमकुम पर भारी दबाव आ गया था और मैच में बने रहने के लिए उन्हें बाकी बचे तीन सेटों में असाधारण खेल दिखाना जरूरी था।
दबाव की इस घड़ी में युवा तीरंदाज ने जबरदस्त मानसिक मजबूती का परिचय दिया। तीसरे सेट में उन्होंने बेहद सटीक निशाने साधते हुए 30-29 के करीबी अंतर से जीत दर्ज की। इस सेट को अपने पक्ष में करते ही स्कोर 3-3 की बराबरी पर आ गया और मुकाबले में भारतीय खेमे की उम्मीदें पूरी तरह जीवित हो गईं।
साउथ कोरियाई खिलाड़ी से पांचवें सेट में मुकाबला और शूट ऑफ का रोमांच
तीसरे सेट में बराबरी हासिल करने के बाद चौथे सेट में कहानी ने एक बार फिर करवट ली। चौथा सेट खत्म होने पर साउथ कोरियाई तीरंदाज 5-3 से बढ़त बनाने में सफल रहीं। अब पांचवां सेट कुमकुम के लिए करो या मरो की स्थिति बन चुका था, जहां एक भी चूक सीधे रजत पदक पर धकेल सकती थी।
अंतिम सेट में भारतीय तीरंदाज ने दबाव को हावी नहीं होने दिया और परफेक्ट 10 का अचूक स्कोर दागा। दूसरी ओर, साउथ कोरिया की खिलाड़ी पर दबाव का असर दिखा और उनका एक तीर 9 अंक पर लगा। इस मामूली अंतर ने पांचवें सेट के बाद कुल स्कोर 5-5 की बराबरी पर ला खड़ा किया और मुकाबला शूट ऑफ में पहुंच गया। शूट ऑफ के एकल तीर के निर्णायक दौर में कुमकुम ने आत्मविश्वास के साथ 10 का स्कोर हासिल किया, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी केवल 8 अंक ही जुटा सकीं। इसी के साथ भारतीय खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
एशियन गेम्स 2026 में कुल पदकों की संख्या हुई तीन
इस व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के साथ एशियन गेम्स 2026 में कुमकुम मोहोद के कुल पदकों की संख्या तीन पहुंच गई है, जिसमें दो स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है। इससे पहले उन्होंने अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। वहीं 2 अक्टूबर को उन्होंने धीरज बोम्मदेवरा के साथ जोड़ी बनाकर मिक्स्ड रिकर्व स्पर्धा में देश के लिए रजत पदक जीता था।




















