तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में भारतीय क्रिकेट टीम पहले ही दो जीत दर्ज करके अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब शनिवार, 3 अक्टूबर को इस सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला खेला जाना है। सीरीज अपने नाम करने के बाद भी टीम प्रबंधन के सामने गेंदबाजी को लेकर कुछ गंभीर चिंताएं हैं, जिसे देखते हुए अंतिम एकादश में महत्वपूर्ण बदलाव तय माने जा रहे हैं। गुवाहाटी में खेले गए पिछले मुकाबले में विरोधी टीम ने भारतीय गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हुए 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसी वजह से अंतिम मैच की योजना में संतुलन और अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण बाहर, अंशुल कंबोज दल में शामिल
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को उस समय बड़ा झटका लगा जब कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा अनफिट होकर अंतिम मुकाबले से बाहर हो गए। गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान गेंदबाजी करते वक्त उन्हें चोट का सामना करना पड़ा था। इस शारीरिक परेशानी के चलते गुरुवार को उन्हें आधिकारिक रूप से तीसरे पचास ओवर के मैच से बाहर कर दिया गया। अपनी अतिरिक्त गति और उछाल के जरिए बल्लेबाजों को परेशान करने की उनकी खूबी इस मैच में भारतीय खेमे को नहीं मिल पाएगी।
बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने प्रसिद्ध कृष्णा के विकल्प के रूप में तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को वनडे टीम में जगह दी है। अंशुल के लिए राष्ट्रीय दल में शामिल होना एक बड़ा अवसर है, लेकिन मैच की परिस्थितियों और पिछले मुकाबले में गेंदबाजों पर पड़े दबाव को देखते हुए उनका अंतिम एकादश में पदार्पण होना काफी मुश्किल लग रहा है। टीम प्रबंधन सीधे तौर पर अनुभव पर दांव लगाने की योजना बना रहा है।
अनुभवी मोहम्मद सिराज की वापसी तय, नई गेंद से संभालेंगे कमान
अंशुल कंबोज को मौका देने के बजाय टीम प्रबंधन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को सीधे अंतिम एकादश में वापस लाने का मन बना चुका है। सिराज को शुरुआती दोनों वनडे मैचों में बाहर बिठाया जाना हर किसी के लिए हैरानी भरा फैसला था। दूसरे मैच में उनकी अनुपस्थिति काफी खली, जहां विपक्षी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए 405 रन बना डाले थे।
सिराज के पास नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने का जो कौशल है, वह इस निर्णायक मोड़ पर बेहद जरूरी हो चुका है। गुवाहाटी में रन प्रवाह को रोकने में संघर्ष कर रहे तेज गेंदबाजी आक्रमण को सिराज का अनुशासन और अनुभव एक नई दिशा प्रदान कर सकता है। ऐसे में तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई सिराज के कंधों पर होना तय है।
आकिब नबी के महंगे स्पेल के बाद नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी
तेज गेंदबाजी विभाग के साथ ऑलराउंडर स्लॉट में भी बदलाव देखने को मिलेगा। दूसरे वनडे में युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को विश्राम दिया गया था और उनके स्थान पर जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का अवसर सौंपा गया था। हालांकि, आकिब का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच उनके लिए बेहद कठिन साबित हुआ।
आकिब नबी अपने 8.5 ओवर के कोटे में एक भी विकेट नहीं निकाल सके और उन्होंने 84 रन लुटा दिए। इस महंगे प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन संतुलन साधने के लिए एक बार फिर नीतीश कुमार रेड्डी की तरफ रुख करेगा। रेड्डी का ऑलराउंड कौशल न केवल गेंदबाजी में विकल्प देता है, बल्कि निचले क्रम में बल्लेबाजी को भी मजबूती प्रदान करता है।
शीर्ष क्रम में बदलाव की संभावना नहीं, जायसवाल को इंतजार
भले ही भारतीय टीम ने श्रृंखला पर पहले ही कब्जा कर लिया हो, लेकिन बल्लेबाजी के शीर्ष तीन स्थानों पर किसी फेरबदल का कोई विचार नहीं है। कप्तान शुभमन गिल, अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अपने तय क्रम पर ही खेलेंगे। जब तक कि मैच से ठीक पहले कोई अप्रत्याशित फिटनेस समस्या न आए, यह तिकड़ी ही भारतीय पारी की नींव रखेगी। मुंबई के युवा बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल टीम का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन शीर्ष क्रम के स्थापित होने की वजह से उन्हें एक बार फिर डगआउट में ही अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा।
मध्यक्रम के बल्लेबाजों को क्रीज पर समय बिताने की उम्मीद
इस श्रृंखला का एक दिलचस्प पहलू यह रहा है कि शीर्ष क्रम के दबदबे के चलते कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिल सका है। नमन धीर ने शुरुआती दोनों मुकाबलों में मैदान संभाला, लेकिन किसी भी पारी में उन्हें पैड बांधकर क्रीज पर उतरने का अवसर नहीं मिला। तीसरे मुकाबले में वह मध्यक्रम में उतरकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाने के लिए उत्सुक होंगे।
कुछ ऐसा ही हाल अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल का भी रहा है। दोनों मैचों में भारतीय शीर्ष क्रम ने लक्ष्य को साधते हुए इतना शानदार खेल दिखाया कि राहुल को बल्लेबाजी के लिए नहीं आना पड़ा। अंतिम एकदिवसीय मैच में यह दोनों खिलाड़ी चाहेंगे कि उन्हें मैदान पर कुछ समय बिताने और लय हासिल करने का मौका मिले।
स्पिन विभाग में कुलदीप का दबदबा, संतुलन साधने की कोशिश
गेंदबाजी विभाग में जहां तेज गेंदबाजों ने पिछले मैच में निराशाजनक रूप से रन दिए, वहीं चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। कुलदीप ने पूरी सीरीज के दौरान बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाए रखा और दबाव बनाए रखा। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अन्य गेंदबाजों से वह सहयोग नहीं मिला जो रन रोकने के लिए आवश्यक था। तीसरे वनडे में टीम को उम्मीद होगी कि कुलदीप की फिरकी और मोहम्मद सिराज की अगुवाई वाली तेज गेंदबाजी मिलकर विपक्षी टीम को सीमित स्कोर पर रोक सके।
तीसरे वनडे के लिए भारत की संभावित प्लेइंग 11
वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले में उतरने वाली संभावित एकादश बेहद संतुलित नजर आती है। पारी की शुरुआत रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल करेंगे, जिसके बाद नंबर तीन पर विराट कोहली आएंगे। मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए रुतुराज गायकवाड़ और विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल मौजूद रहेंगे। ऑलराउंडर विभाग में नमन धीर और रवींद्र जडेजा का साथ नीतीश कुमार रेड्डी देंगे। गेंदबाजी आक्रमण का जिम्मा गुरनूर बराड़, स्पिनर कुलदीप यादव और अनुभवी मोहम्मद सिराज के हाथों में रहेगा।





















