हांग्जो में जारी एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट फाइनल मुकाबले में भारत की युवा सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया है। श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक के निर्णायक मैच में मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ शैली का मुजाहिरा पेश किया। इस मुकाबले के दौरान उन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। उन्होंने इस मामले में दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज खिलाड़ी लौरा वुलवार्ट को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने इसी साल रनों का एक विशाल शिखर तैयार किया था।
लौरा वुलवार्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त, शैफाली के नाम 863 रन
साल 2026 महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे रोमांचक वर्षों में गिना जा रहा है, जहां बल्लेबाजों के बीच सबसे आगे निकलने की जोरदार होड़ देखने को मिली। इसी वर्ष दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वुलवार्ट ने एक कैलेंडर वर्ष में 824 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर इस आंकड़े को पार करते हुए 863 रन बना डाले। अब वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एक साल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की नंबर एक बल्लेबाज बन चुकी हैं। इस साल उन्होंने निरंतरता और आक्रामकता का जो संगम दिखाया, उसने रिकॉर्ड तालिका को पूरी तरह बदलकर रख दिया।
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक रन
- 863 रन: शैफाली वर्मा (भारत), वर्ष 2026
- 824 रन: लौरा वुलवार्ट (दक्षिण अफ्रीका), वर्ष 2026
- 800 रन: नताशा माइल्स (हांगकांग), वर्ष 2026
- 779 रन: ईशा ओझा (यूएई), वर्ष 2025
- 779 रन: यास्मीन दासवानी (हांगकांग), वर्ष 2026
स्मृति मंधाना और शैफाली की जोड़ी ने रचा नया इतिहास
व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अलावा शैफाली वर्मा ने अपनी साथी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों की इस जोड़ी ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिलकर 4000 रन की साझेदारी पूरी कर ली है। यह टी20 क्रिकेट के पूरे इतिहास में पहला अवसर है जब किसी भी जोड़ी ने मिलकर 4000 रनों का आंकड़ा छुआ हो। इन दोनों बल्लेबाजों की जोड़ी जब भी क्रीज पर उतरती है, तो विपक्षी टीमों के लिए रन गति पर अंकुश लगाना नामुमकिन साबित होता है।
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ी साझेदारियां
- 4000* रन: स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा (भारत)
- 2949 रन: ईशा ओझा और तीर्था सतीश (यूएई)
- 2720 रन: एलिसा हीली और बेथ मूनी (ऑस्ट्रेलिया)
- 2556 रन: सूजी बेट्स और सोफी डिवाइन (न्यूजीलैंड)
इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ भारतीय जोड़ी ने दुनिया की कई दिग्गज जोड़ियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। संयुक्त अरब अमीरात की ईशा ओझा और तीर्था सतीश की जोड़ी 2949 रनों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया की विश्वविख्यात जोड़ी एलिसा हीली और बेथ मूनी 2720 रनों के साथ तीसरे पायदान पर मौजूद है। वहीं न्यूजीलैंड की अनुभवी जोड़ी सूजी बेट्स और सोफी डिवाइन ने मिलकर 2556 रन जुटाए हैं।
खिताबी मुकाबले में 48 रनों की आतिशी पारी
श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक के इस अहम मुकाबले में शैफाली वर्मा ने अपनी पारी से भारतीय टीम को बेहद तेज शुरुआत दिलाई। वह अपने अर्धशतक से महज 2 रन दूर रह गईं और 29 गेंदों पर 48 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। अपनी इस आक्रामक पारी में उन्होंने 3 चौके और 3 दर्शनीय छक्के लगाए। इससे पहले टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में भी उनका बल्ला जमकर बोला था, जहां उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अविजित 100 रनों की शतकीय पारी खेली थी। भारतीय टीम इस शानदार प्रदर्शन के दम पर एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।


















