अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ताइवान डॉलर की मांग में जोरदार इजाफा देखा गया है, जिसका मुख्य आधार देश के मजबूत टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में आ रहा विदेशी निवेश बना है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताइवान डॉलर ने हालिया सत्रों में अपनी बढ़त को आगे बढ़ाते हुए 31.71 के स्तर को छुआ। हालांकि, शुरुआती मजबूत उछाल के बाद तेजी में थोड़ी नरमी आई और लाभ का कुछ हिस्सा सिमट गया। घरेलू शेयर बाजार के बेहतर प्रदर्शन और वैश्विक निवेशकों के निरंतर पूंजी प्रवाह ने ताइवान की स्थानीय मुद्रा को स्पष्ट सहारा प्रदान किया है।
विदेशी पूंजी प्रवाह और तकनीकी क्षेत्र की अहम भूमिका
वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी हार्डवेयर की बढ़ती मांग ने ताइवान के विनिर्माण तथा निर्यात चक्र को नई गति दी है। इस तकनीकी तेजी का सीधा फायदा स्थानीय इक्विटी बाजार को मिला है, जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार खरीदारी की है। जब विदेशी निवेशक घरेलू शेयरों में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें स्थानीय मुद्रा खरीदनी पड़ती है, जिससे स्वाभाविक तौर पर ताइवान डॉलर को मजबूती मिलती है। यदि विदेशी निवेशकों का यह रुझान इसी तरह जारी रहता है, तो ताइवान के मजबूत निर्यात चक्र का लाभ आगे भी मुद्रा विनिमय दरों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
बाजार रणनीतिकारों सिम मोह सियोंग और क्रिस्टोफर वोंग का मानना है कि विदेशी खरीदारी की निरंतरता पर बारीकी से नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तकनीकी और एआई थीम में दोबारा पैदा हुई दिलचस्पी पोर्टफोलियो प्रवाह को आकर्षित करती रही, तो ताइवान का मजबूत निर्यात चक्र ताइवान डॉलर के लिए अधिक प्रत्यक्ष समर्थन में तब्दील हो सकता है।
स्थानीय पूंजी निकासी और विनिमय दर नियंत्रण का असर
मुद्रा की इस मजबूती के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि ताइवान डॉलर की तेज छलांग पर कुछ रुकावटें भी असर डाल रही हैं। ताइवान के स्थानीय निवासियों द्वारा विदेशी संपत्तियों में किया जा रहा निवेश और पूंजी की बाहरी निकासी मुद्रा के एकतरफा उछाल को रोक रही है। इसके साथ ही, विनिमय दरों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए मौद्रिक नियामकों द्वारा किए जाने वाले संभावित हस्तक्षेप या स्मूथिंग उपाय भी इस बात की संभावना बढ़ाते हैं कि मुद्रा की मजबूती एक नियंत्रित दायरे में ही बनी रहेगी।
तकनीकी चार्ट के नजरिए से दैनिक समय-सीमा पर तेजी का रुझान बरकरार है, लेकिन इसमें कुछ सुस्ती के संकेत भी उभर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI का स्तर नीचे की ओर मुड़ा है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ समेकन या कंसॉलिडेशन से इनकार नहीं किया जा सकता। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार ताइवान डॉलर के लिए 31.70 और 31.71 के स्तर पर महत्वपूर्ण समर्थन बना हुआ है, जहां 21 और 200 दिनों के मूविंग एवरेज (DMA) के साथ-साथ 2026 के निचले से ऊपरी स्तर का 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर मौजूद है। दूसरी ओर, प्रतिरोध का दायरा 31.83 से 31.86 के स्तर पर देखा जा रहा है, जो 100 दिन के मूविंग एवरेज और 50 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तर के करीब है।
एशियाई और वैश्विक मुद्राओं में हलचल
क्षेत्रीय विदेशी मुद्रा बाजारों में केवल ताइवान डॉलर ही चर्चा में नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव दर्ज किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में दबाव देखा गया, जहां यह 0.7100 के अहम दायरे से नीचे फिसलकर तीन दिनों के निचले स्तर तक पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को बैकफुट पर रखा है, जबकि निवेशक गुरुवार को होने वाले ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) एशियाई सत्र के दौरान 157.50 के आसपास कारोबार करता दिखा। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित मुद्रा बाजार हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट को सीमित रखा। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने के बावजूद येन में आक्रामक तेजी नहीं आई। बैंक ऑफ जापान का यह कदम 31 वर्षों के उच्च स्तर की दर वृद्धि और मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण का हिस्सा होने के बावजूद बाजार की पहले से तय उम्मीदों के अनुरूप रहा। वहीं, फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है।
सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मजबूती
मुद्राओं के इस उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं में भी चमक लौटती नजर आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपना संतुलन दोबारा हासिल करते हुए बढ़त दर्ज की और यह 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में नई खरीदारी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मिले-जुले रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद पीली धातु में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।



















