आगामी एशियन गेम्स 2026 की पुरुष T20I क्रिकेट प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका ने अपने पंद्रह सदस्यीय दल का ऐलान कर दिया है। श्रीलंका क्रिकेट की चयन समिति द्वारा 22 सितंबर को सार्वजनिक की गई इस सूची में सहन अराचिगे को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्टंप्स के पीछे दस्ताने संभालने के लिए अनुभवी निरोशन डिकवेला पर भरोसा जताया गया है। यह पूरी टीम 24 सितंबर को जापान के लिए उड़ान भरेगी, जहां महाद्वीपीय खेलों की पुरुष T20I क्रिकेट प्रतिस्पर्धा 24 सितंबर से लेकर 3 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रही है। इस टूर्नामेंट के सभी मुकाबले निसिन शहर के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाएंगे, जो जापान के आइची प्रीफेक्चर में स्थित है।
युवा और अनुभवी चेहरों का अनूठा तालमेल
चयनकर्ताओं ने स्क्वॉड चुनते समय संतुलन पर खास ध्यान दिया है। दल में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह पक्की करने में जुटे हैं, वहीं कुछ स्थापित चेहरे भी मौजूद हैं। गेंदबाजी और निचले क्रम में मजबूती देने के लिए ऑलराउंडर चमिका करुणारत्ने को रखा गया है, जबकि तेज गेंदबाजी में नुवान तुषारा अपनी गति और वैरिएशन से विपक्षी बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगे। बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता देने के लिए अशेन बंडारा और सोहन डी लिवेरा जैसे कुशल विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्पिन विभाग की कमान लेग स्पिनर विजयकांत व्यासकांत संभालेंगे, जो बीच के ओवरों में विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं।
ब्रिटिश दौरे की तुलना में काफी बदला हुआ नजर आएगा लाइनअप
हाल के समय में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई तीन मुकाबलों की T20 द्विपक्षीय सीरीज के मुकाबले यह नया दल बेहद अलग दिखता है। अंग्रेजी धरती पर मेजबान इंग्लैंड ने श्रीलंकाई टीम को 3-0 से करारी शिकस्त देते हुए क्लीन स्वीप किया था। 19 सितंबर को ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर समाप्त हुए तीसरे T20 मैच में इंग्लैंड ने 8 विकेट से आसान जीत हासिल की थी। उस दौरे में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों में से केवल दो नाम, नुवान तुषारा और थारिंदु रत्नायके, इस एशियन गेम्स स्क्वॉड में अपनी जगह बचा पाए हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ उस श्रृंखला में चरिथ असलंका ने कप्तानी की थी, क्योंकि नियमित कप्तान कुसल मेंडिस और तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो चोटिल होने के चलते बाहर हो गए थे। राहत की बात यह है कि बिनुरा फर्नांडो अब अपनी फिटनेस हासिल कर चुके हैं और उन्हें जापान जाने वाले इस दल में तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए शामिल कर लिया गया है।
बारह साल पुराने स्वर्णिम इतिहास को दोहराने का लक्ष्य
महाद्वीपीय खेलों के मंच पर 2010 में क्रिकेट को पहली बार शामिल किया गया था, जहां श्रीलंकाई दल का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। चीन के ग्वांगझू में आयोजित शुरुआती सत्र में टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर खाता खोला था। इसके चार साल बाद, 2014 में दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए खेलों के खिताबी मुकाबले में अफगानिस्तान को मात देकर श्रीलंका ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। हालांकि, 2023 में चीन के हांगझोउ में खेले गए पिछले संस्करण में श्रीलंकाई टीम खाली हाथ लौटी थी और कोई पदक नहीं जीत पाई थी। उस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने गोल्ड, अफगानिस्तान ने सिल्वर तथा बांग्लादेश ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अब सहन अराचिगे की अगुवाई में यह टीम 2014 के बाद एक बार फिर पोडियम पर तिरंगा लहराने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
टूर्नामेंट के लिए घोषित 15 सदस्यीय दल
इस बड़े आयोजन के लिए चुने गए पंद्रह सदस्यों में सहन अराचिगे कप्तानी करेंगे। उनके साथ बल्लेबाजी और विभिन्न विभागों में लसिथ क्रूसपुल्ले, निरोशन डिकवेला, सिनेत जयवर्धना, नुवानिदु फर्नांडो, सोहन डी लिवेरा और अशेन बंडारा शामिल हैं। वहीं ऑलराउंडर और गेंदबाजी विकल्पों के तौर पर चमिका करुणारत्ने, थारिंदु रत्नायके, वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, दुशन हेमंथा, नुवान तुषारा, बिनुरा फर्नांडो तथा गरुका संकेथ को अवसर मिला है।

















