जापान के विरुद्ध खेले गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम प्रबंधन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दोनों को अंतिम ग्यारह से अलग रखा। सूर्यवंशी को अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय कैप के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि इससे पूर्व अफगानिस्तान के सामने आयोजित तीन टी20 मुकाबलों की श्रृंखला में भी उन्हें एक भी मैच में मौका नहीं मिल सका था और वह केवल डगआउट में ही बैठे रहे। दूसरी ओर बुमराह ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरकर गेंदबाजी की थी, मगर जापान के विरुद्ध उन्हें भी आराम देने का निर्णय लिया गया।
गीले मैदान ने बदला खेल का पूरा प्रारूप
यह ऐतिहासिक भिड़ंत मूल रूप से सामान्य 20 ओवर के निर्धारित प्रारूप में आयोजित होनी थी। मैदान का आउटफील्ड अत्यधिक गीला होने की वजह से मैच अपने तय समय पर शुरू नहीं हो सका और काफी लंबा विलंब हुआ। अंपायरों और अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के उपरांत ओवरों की संख्या में भारी कटौती की। अंततः मैच को दोनों पक्षों के लिए केवल 5-5 ओवर का तय किया गया, जिससे मुकाबला बेहद तेज और रोमांचक बन गया।
भारत के खिलाफ सबसे कम उम्र में उतरने वाले खिलाड़ी
क्रिकेट जगत के छोटे या उभरते देशों के उभरते सितारों के लिए भारत जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ मैदान पर खेलना एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय टी20 में भारत के सामने सबसे कम उम्र में मैच खेलने का कीर्तिमान नेपाल के गुलशन झा के नाम दर्ज है, जिन्होंने 17 साल और 228 दिन की छोटी उम्र में यह विशिष्ट उपलब्धि अपने नाम की थी।
कम उम्र में भारत का सामना करने की इस विशेष सूची में नामीबियाई क्रिकेटर मैक्स हिंगो दूसरे स्थान पर काबिज हैं, जो 17 साल 341 दिन की उम्र में मैदान में आए थे। जापान के चार्ली हारा-हिंज 17 साल 357 दिन की आयु के साथ इस तालिका में तीसरे स्थान पर आते हैं। इनके अतिरिक्त अफगानिस्तान के स्पिनर नूर अहमद 19 साल 11 दिन तथा जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज तेंदई चतारा 19 साल 105 दिन की उम्र में भारत के विरुद्ध पहली बार टी20 मुकाबला खेल चुके हैं।
नए विरोधियों के खिलाफ टीम इंडिया का दबदबा
भारत अब तक खेल के सबसे छोटे प्रारूप में 20 भिन्न देशों की राष्ट्रीय टीमों का सामना कर चुका है। सर्वाधिक टीमों से भिड़ने के मामले में जिम्बाब्वे शीर्ष पर है जिसने 32 अलग-अलग विरोधी पक्षों का सामना किया है, जबकि आयरलैंड 27 टीमों के साथ दूसरे पायदान पर है। जब पहली बार किसी नई टीम से टकराने की बात आती है, तब भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी दुनिया में सबसे शानदार रहा है।
अपने इतिहास में सामने आई 19 नई विरोधी टीमों के विरुद्ध शुरुआती मैच में भारत ने 16 बार जोरदार जीत दर्ज की है। इस सफर में भारतीय टीम को केवल दो मौकों पर हार का मुंह देखना पड़ा, जब उसे न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने शुरुआती मैचों में मात मिली थी। इसके अलावा स्कॉटलैंड के साथ हुआ एक मैच बिना किसी परिणाम के समाप्त हुआ था। दुनिया का कोई भी पूर्ण सदस्य देश नए प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध अपनी पहली भिड़ंत में ऐसा अजेय प्रभाव नहीं छोड़ सका है।
मुकाबले के लिए दोनों टीमों की अंतिम ग्यारह
इस मुकाबले के लिए भारतीय एकादश में संजू सैमसन विकेटकीपर के रूप में शामिल रहे। उनके साथ अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर, रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह को जगह दी गई।
दूसरी तरफ जापानी टीम की बागडोर केंडेल कडोवाकी-फ्लेमिंग के हाथों में रही। जापानी एकादश में लाचलान यामामोटो-लेक, रेओ सकुरानो-थॉमस, बेंजामिन इटो-डेविस, वतारू मियाउची, विकेटकीपर अलेक्जेंडर शिराई-पटमोर, चार्ली हारा-हिंज, इब्राहिम ताकाहाशी, डेक्लान सुजुकी-मैककॉम्ब, मकोतो तानियामा और शोमा सुगाया-स्लेटर शामिल रहे।


















