ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूजीलैंड ने आक्रामक बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए भारत को 87 रन के बड़े अंतर से पराजित किया। हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम पांच मुकाबलों की इस शृंखला में पहले ही अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी अपने नाम सुरक्षित कर चुकी है, लेकिन इस मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने मेहमान टीम के गेंदबाजी आक्रमण की कलई खोल दी। मुकाबले के समापन के बाद भारतीय दल के कप्तान श्रेयस अय्यर ने खुले तौर पर माना कि उनके गेंदबाज योजना को अमलीजामा पहनाने में नाकाम रहे, जिसके चलते विरोधी टीम ने एक विशाल स्कोर खड़ा कर लिया।
मैदान की अनूठी बनावट और युवा गेंदबाजों के लिए सीख
ईडन पार्क की छोटी सीमाओं और अनोखे आकार पर चर्चा करते हुए कप्तान ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे मैदानों पर सामंजस्य बैठाना आसान नहीं होता। भारतीय कप्तान ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के लिए यह पहला अनुभव था, इसलिए परिस्थितियों के अनुसार ढलना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस हार को एक बड़े सबक के रूप में देखा जाना चाहिए। शृंखला के शुरुआती तीन मुकाबलों में शानदार खेल दिखाने वाली भारतीय इकाई के लिए यह अनुभव भविष्य के विदेशी दौरों में काफी उपयोगी साबित होगा। युवा प्रतिभाओं को यह समझने का मौका मिला है कि जब मैदान की सीमाएं छोटी हों, तब अपनी लेंथ में किस प्रकार बदलाव किया जाता है।
ग्लेन फिलिप्स का विध्वंसक शतक और ब्रेसवेल का जोरदार प्रहार
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों पर लगातार प्रहार जारी रखे। कीवी मध्यक्रम के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने महज 49 गेंदों पर 107 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलकर भारतीय खेमे को बैकफुट पर धकेल दिया। दूसरे छोर से माइकल ब्रेसवेल ने भी महज 25 गेंदों पर 65 रन ठोकते हुए कीवी टीम के कुल योग को 20 ओवरों में 7 विकेट पर 259 रन तक पहुंचा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय आक्रमण के खिलाफ बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की और मैदान के हर कोने में बाउंड्री लगाई। इस पूरे मैच में न्यूजीलैंड की ओर से कुल 20 छक्के जड़े गए, जिनमें से 16 छक्के अकेले फिलिप्स और ब्रेसवेल की जोड़ी के बल्ले से निकले।
सोलहवें ओवर में 32 रन लुटाना पड़ा बेहद भारी
पारी का 16वां ओवर मुकाबले का सबसे निर्णायक और खर्चीला मोड़ साबित हुआ, जब गेंदबाजी की कमान नीतिश कुमार रेड्डी के हाथों में थी। इस ओवर में ग्लेन फिलिप्स ने आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार चार छक्के जमाए और कुल 32 रन बटोरे। इस एक ओवर ने मैच की दिशा पूरी तरह न्यूजीलैंड के पक्ष में मोड़ दी और भारतीय टीम दबाव से उबर नहीं पाई। तीसरे ओवर और पावरप्ले के बाद से ही भारतीय गेंदबाज मुकाबले पर अपनी पकड़ खोते चले गए, जिसके बाद कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की पूरी छूट मिल गई।
लक्ष्य के दबाव में 172 रन पर सिमटा भारतीय प्रयास
जीत के लिए मिले 260 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही जरूरी रन गति के भारी दबाव में नजर आई। कीवी गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन और सटीक लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को लंबी साझेदारियां नहीं बनाने दीं और नियमित अंतराल पर झटके दिए। पूरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 172 रन ही जुटा सकी। कप्तान अय्यर ने साफ किया कि टीम अपनी रणनीतियों की दोबारा समीक्षा करेगी और गलतियों को सुधारकर अंतिम टी20 मैच में जोरदार पलटवार करेगी।



















