त्योहारी सीजन के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक अहम वित्तीय राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाले प्रशासन ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस ताजा संशोधन के प्रभाव में आने के बाद राज्य कर्मियों और पेंशनर्स को मिलने वाली यह सहायता राशि मौजूदा 60 प्रतिशत से छलांग लगाकर 63 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। प्रशासनिक अनुमानों के मुताबिक, इस कदम का सीधा और सकारात्मक असर 7 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और लगभग 5 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों के मासिक बजट पर पड़ने वाला है।
वेतन में नकद भुगतान और जीपीएफ खाते में एरियर का समायोजन
प्रशासन की ओर से तय की गई प्रक्रिया के तहत, संशोधित भत्ते के भुगतान की व्यवस्था दो अलग-अलग हिस्सों में की गई है। वित्तीय विवरण के अनुसार, जुलाई से लेकर अक्टूबर तक की चार महीने की बढ़ी हुई राशि का एरियर कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। इसके बाद नवंबर महीने के नियमित वेतन के साथ कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता सीधे नकद रूप में मिलना शुरू हो जाएगा। सातवें वेतनमान के दायरे में आने वाले सभी पात्र राज्य कर्मियों के मासिक वेतन में इससे सीधी बढ़ोतरी दर्ज होगी। इसी प्रकार सेवारत कर्मियों के समानांतर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी राहत देते हुए उनकी पेंशन में महंगाई राहत को समान रूप से बढ़ाकर 63 प्रतिशत निर्धारित कर दिया गया है।
करीब 6 लाख कर्मियों को मिलेगा त्योहारी तदर्थ बोनस
नियमित मासिक भत्ते में इजाफा करने के अलावा राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को त्योहारी अवसर पर अतिरिक्त आर्थिक संबल देने का भी प्रबंध किया है। इसके तहत लगभग 6 लाख योग्य कर्मियों को तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है। दीपावली के ठीक पहले यह दोहरा लाभ मिलने से सरकारी कर्मचारियों को त्योहार से जुड़ी घरेलू खरीदारी, यात्रा और अन्य आवश्यक पारिवारिक खर्चों को आसानी से पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकारी तंत्र के कर्मियों के लिए यह दोहरी राहत साबित होगी, जिसमें एक तरफ उनकी स्थायी मासिक आय में इजाफा होगा, वहीं दूसरी तरफ बोनस की एकमुश्त राशि भी त्योहार के ठीक समय पर उनके हाथ में आएगी।
राजकीय खजाने पर 1226 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय दायित्व
महंगाई राहत, महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी और तदर्थ बोनस के सम्मिलित निर्णयों के क्रियान्वयन से सरकारी खजाने पर करीब 1226 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा। इस निर्णय के संदर्भ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रेखांकित किया कि राज्य के समग्र विकास और प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रखने में सरकारी कर्मियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। त्योहारी माहौल से पहले लिए गए इस कदम का मकसद आर्थिक दबाव को कम करना और लाखों परिवारों के लिए त्योहार के उल्लास को और अधिक समृद्ध बनाना है।



















