पाकिस्तान की सरजमीं पर आयोजित वनडे त्रिकोणीय श्रृंखला में खिताबी होड़ से पहले ही बाहर हो चुकी इंग्लिश टीम ने अपने अंतिम मैच में जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच पर टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 5 विकेट गंवाकर 386 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस विशाल योग की मुख्य धुरी उनके बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट रहे, जिन्होंने क्रीज पर टिककर मैदान के चारों ओर चौकों की बौछार कर दी और पूरे टूर्नामेंट में अपना दूसरा शतक जड़कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
चौकों के सहारे डकेट ने खड़ा किया व्यक्तिगत सर्वोच्च वनडे स्कोर
श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण के सामने शुरुआत से ही बेन डकेट ने बेहद सधी हुई और आक्रामक बल्लेबाजी का अनूठा मिश्रण पेश किया। उन्होंने 132 गेंदों का सामना करते हुए कुल 167 रन बनाए, जिसमें 24 शानदार चौके शामिल रहे। दिलचस्प बात यह रही कि इतनी लंबी और विस्फोटक पारी खेलने के बावजूद डकेट के बल्ले से एक भी छक्का देखने को नहीं मिला। यह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया है। 41.4 ओवर में जब वह तेजी से रन जुटाने के प्रयास में पवेलियन लौटे, तब तक वह अपनी टीम को एक अभेद्य बढ़त की ओर अग्रसर कर चुके थे।
बिना छक्के के 150 पार पहुंचने वाले चुनिंदा सूरमा
अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो बिना कोई छक्का लगाए 150 या उससे अधिक रनों का आंकड़ा छूने वाले बल्लेबाजों की संख्या बेहद सीमित है। बेन डकेट अब इस खास मुकाम पर पहुंचने वाले दुनिया के सातवें बल्लेबाज बन गए हैं। इस विशिष्ट सूची में आधुनिक और पारंपरिक क्रिकेट के कई महान खिलाड़ी पहले से अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं।
- डेविड वॉर्नर (ऑस्ट्रेलिया): ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज ने साल 2016 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध बिना कोई हवाई शॉट लगाए 173 रन बनाए थे, जो इस सूची में शीर्ष पर है।
- बेन डकेट (इंग्लैंड): श्रीलंकाई टीम के खिलाफ साल 2026 में 167 रनों की नाबाद शैली की पारी खेली।
- तिलकरत्ने दिलशान (श्रीलंका): साल 2015 में बांग्लादेश की टीम के खिलाफ खेलते हुए 161 रनों का आंकड़ा पार किया था।
- हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका): साल 2015 में ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के सामने जमीन से जुड़े शॉट्स के दम पर 153 रन जोड़े थे।
- ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज): दिग्गज कैरेबियाई बल्लेबाज ने साल 1993 में पाकिस्तान के खिलाफ 152 रन जुटाए थे।
- सचिन तेंदुलकर (भारत): साल 2003 के विश्व कप के दौरान नामीबिया के विरुद्ध बिना कोई छक्का जड़े 152 रनों का योगदान दिया था।
- एंड्रयू स्ट्रॉस (इंग्लैंड): साल 2005 में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए 152 रनों की पारी खेलकर इस क्लब की नींव रखी थी।
कप्तान हैरी ब्रूक के रिकॉर्ड से चूके
मौजूदा वनडे श्रृंखला के भीतर बेन डकेट गजब के फॉर्म में दिखाई दिए हैं। उन्होंने कुल 4 पारियों में क्रीज पर उतरते हुए 86.50 की असाधारण औसत से कुल 346 रन अपने नाम किए, जिसमें दो शतकीय पारियां शामिल हैं। लाहौर के इस मैच में उनके पास एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने का अवसर था। डकेट अपने कप्तान हैरी ब्रूक के बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच सकते थे, जिसके लिए उन्हें 203 रन बनाने की दरकार थी। हालांकि, अंतिम ओवरों में तेजी से स्कोरबोर्ड को रफ्तार देने की रणनीति के तहत उन्होंने 42वें ओवर में अपना विकेट गंवा दिया और यह व्यक्तिगत रिकॉर्ड हासिल करने से चूक गए। इसके बावजूद उनकी यह पारी त्रिकोणीय श्रृंखला के सबसे यादगार प्रदर्शनों में दर्ज हो गई।



















