भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपने जूनियर नेशनल सेलेक्शन पैनल को पूरी तरह नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। देशभर के घरेलू क्रिकेट तंत्र से नई और होनहार प्रतिभाओं की पहचान को और अधिक धार देने के मकसद से चयन समिति के पांच अलग-अलग पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। इस पूरी पुनर्गठन कवायद के बीच पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रमेश पोवार का नाम सबसे आगे चल रहा है और पूरी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें इस जूनियर पैनल का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
मैदान पर अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड और घरेलू क्रिकेट का अनुभव
रमेश पोवार ने साल 2004 से 2007 के दौरान भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हुए 2 टेस्ट मैच और 31 वनडे मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व किया था। अपने प्रतिस्पर्धी खेल जीवन को अलविदा कहने के बाद वे कोचिंग और खिलाड़ी विकास के माध्यम से भारतीय क्रिकेट ढांचे से लगातार जुड़े रहे हैं। हालिया सत्र में वे गुजरात की सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे थे, जिसके बाद उन्होंने आगे बढ़ते हुए अपनी कोचिंग जिम्मेदारियों से हटने और नए प्रशासनिक दायित्वों की ओर रुख करने का निर्णय लिया था।
कोचिंग का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड और एनसीए में सेवाएं
पोवार के पास ड्रेसिंग रूम और ग्राउंड दोनों स्तरों पर कोचिंग और मैन-मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव मौजूद है। वे दो अलग-अलग कार्यकालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद की कमान संभाल चुके हैं। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान बोर्ड के प्रशासनिक निर्णय के तहत उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी में भेजा गया था, जहां उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण के नेतृत्व वाले पुरुष कोचिंग ढांचे के तहत विशेषज्ञ स्पिन-गेंदबाजी कोच के रूप में उभरते गेंदबाजों को तराशने का काम किया था। जमीनी स्तर के युवाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों तक के साथ काम करने की उनकी समझ को देखते हुए जूनियर सेलेक्शन कमेटी के प्रमुख पद के लिए उनके नाम को सबसे मुफीद माना जा रहा है।
अंडर-22 स्तर तक चयन और कैंप्स की पूरी योजना
बीसीसीआई द्वारा गठित की जा रही यह नई जूनियर चयन समिति भारत की आने वाली पीढ़ी की बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगी। इस पैनल को अंडर-22 स्तर तक की विभिन्न आयु-वर्ग टीमों के चयन का मुख्य जिम्मा सौंपा जाएगा। सिर्फ मैच के लिए टीम चुनना ही इस कमेटी का दायरा नहीं होगा, बल्कि देश और विदेश में लगने वाले विशेष कोचिंग शिविरों के लिए योग्य युवा खिलाड़ियों की पहचान करना भी इसी पैनल के अधिकार क्षेत्र में रहेगा। घरेलू मैदानों पर होने वाले मुकाबले हों या विदेशी दौरों पर जाने वाली भारतीय जूनियर टीमें, टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट्स के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन यही समिति करेगी।
बेंच स्ट्रेंथ का विस्तार और टूर्नामेंट्स का संचालन
बोर्ड का बुनियादी उद्देश्य देश भर में एक व्यापक टैलेंट पूल तैयार करना और राष्ट्रीय टीमों के लिए अटूट बेंच स्ट्रेंथ खड़ी करना है। आधिकारिक रूपरेखा के अनुसार, यह कमेटी विभिन्न स्तरों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे युवाओं के प्रदर्शन और उनकी तकनीकी क्षमता का निरंतर विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही जूनियर स्तर के राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स का शेड्यूल तैयार करना, उनका व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना और विदेशी दौरों की व्यवस्था संभालना भी इसी समिति की कार्यसूची का हिस्सा होगा, जिससे युवा क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुकूल अवसर मिल सकें।



















