पाकिस्तानी ब्यूटी क्रीम में मिला तय सीमा से अधिक हेवी मेटल, केंद्रीय औषधि नियामक ने खरीद पर लगाई रोकसोते समय गर्दन में खिंचाव और अकड़न की मुख्य वजह हो सकता है गलत तकिया, विशेषज्ञ ने दिए बचाव के सुझावपिज्जा बर्गर की लत से बच्चों में कुपोषण और संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञ ने दी पौष्टिक आहार अपनाने की सलाहगर्म तेल में अदरक का टुकड़ा डालने से क्या रुकता है कालापन, जानिए इस इंटरनेट नुस्खे की असलियतरणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा की बर्फी ने 35 करोड़ के बजट में कैसे कमाए थे 175 करोड़ रुपयेमानसिक तनाव और अकेलेपन के दौर में बुनियादी मानवीय रिश्तों की ओर लौटने की सलाहगोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर बनेगी फिल्म राम बोला, निर्माता महावीर जैन अपनी पूरी कमाई समाज सेवा में लगाएंगेगणेश उत्सव में दैनिक पूजा का सटीक नियम, सुबह की मंगला और शाम की आरती का यह रहेगा अनुकूल समयपहिए जैसी मुद्रा वाले चक्रासन से दूर होगी रीढ़ की जकड़न, अभ्यास की विधि और सावधानियां41 साल में आईपीएल डेब्यू करने वाले प्रवीण तांबे के सफर से सीखें जिंदगी के 5 सबक
पिज्जा बर्गर की लत से बच्चों में कुपोषण और संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञ ने दी पौष्टिक आहार अपनाने की सलाहस्वास्थ्य
19 सित॰ 2026, 9:35 pm (29 मिनट पहले)· 2

पिज्जा बर्गर की लत से बच्चों में कुपोषण और संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञ ने दी पौष्टिक आहार अपनाने की सलाह

नियमित फास्ट फूड खाने से बच्चों में प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, चिप्स और मोमोज जैसे खाद्य पदार्थ आज के समय में अधिकांश बच्चों की पहली पसंद बन चुके हैं। बेहतरीन स्वाद के चलते बच्चे रोजाना ऐसे भोजन की मांग करने लगते हैं, लेकिन माता-पिता की यह लापरवाही आगे चलकर उनकी सेहत पर काफी भारी पड़ सकती है। इन चीजों से पेट तो आसानी से भर जाता है, परंतु बढ़ते शरीर के लिए अनिवार्य प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते। नतीजतन, बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुक सकती है और उनकी बीमारियों से मुकाबला करने की स्वाभाविक क्षमता भी कमजोर हो जाती है।

प्रोटीन एनर्जी मालन्यूट्रिशन और शारीरिक विकास पर प्रभाव

गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन उपाध्याय के अनुसार, पोषण की इस गंभीर कमी को प्रोटीन एनर्जी मालन्यूट्रिशन के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में शरीर को आवश्यक ऊर्जा और प्रोटीन की संतुलित खुराक नहीं मिल पाती। बढ़ते बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन का सही अनुपात में मिलना अनिवार्य है। जब इन बुनियादी तत्वों की कमी होती है, तो बच्चों की सामान्य ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे उम्र के अनुपात में बच्चों का वजन और उनकी लंबाई कम रह सकती है। इसके अलावा, कमजोर इम्युनिटी के कारण बच्चे मौसम बदलते ही बार-बार संक्रमण और बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं।

ये भी पढ़ें

पेट की समस्याएं और घर के खाने से दूरी

स्वाद में लुभावने लगने वाले फास्ट फूड में वसा और नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जबकि शरीर के लिए उपयोगी सूक्ष्म पोषक तत्व इनमें न के बराबर होते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने पर बच्चों को गैस बनना, पेट में दर्द, डायरिया और आंतों में संक्रमण जैसी परेशानियां घेर लेती हैं। इसके साथ ही एक बड़ी व्यावहारिक दिक्कत यह आती है कि तली-भुनी चीजें खाने के बाद बच्चे का पेट भर जाता है और वह घर में बनी पौष्टिक थाली खाने से कतराने लगता है। लंबे समय तक घर के खाने से दूरी बने रहने के कारण शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का गंभीर अभाव पैदा हो जाता है।

दैनिक आहार में शामिल करें ये जरूरी पौष्टिक विकल्प

बच्चों के खानपान में सुधार के लिए डॉ. विपिन उपाध्याय ने संतुलित थाली तैयार करने पर जोर दिया है। उनकी डाइट में ताजे मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजा सलाद, दालें, दूध, दही और अंडे नियमित रूप से शामिल करने चाहिए। मौसमी फलों के सेवन से शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स मिलते हैं, वहीं हरी सब्जियों और सलाद में मौजूद प्रचुर फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। इसके साथ ही गुड़ को आयरन का बेहतरीन स्रोत मानते हुए संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

शुरुआती छह महीने मां का दूध और शारीरिक गतिविधियों का महत्व

शिशु पोषण के संदर्भ में छह महीने तक की उम्र के बच्चों के लिए केवल मां का दूध ही सर्वोत्तम माना गया है। सामान्य परिस्थितियों में इस दौरान शिशु को अलग से पानी देने की भी आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि मां के दूध में मौजूद प्राकृतिक घटक बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाते हैं। छह महीने का समय पूरा होने के बाद ही बच्चे की उम्र के अनुरूप धीरे-धीरे ठोस और पौष्टिक आहार शुरू करना चाहिए।

बच्चों को फास्ट फूड की नियमित लत से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्हें खुश करने के लिए कभी-कभार बेहद सीमित मात्रा में हल्का-फुल्का फास्ट फूड दिया जा सकता है, मगर इसे रोजमर्रा की दिनचर्या में कभी शामिल न करें। केवल खानपान सुधारना ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को मोबाइल और टीवी स्क्रीन से दूर रखकर खुले मैदान में खेलने और शारीरिक व्यायाम के लिए प्रेरित करना चाहिए। यदि किसी बच्चे की लंबाई या वजन बढ़ना रुक जाए, वह बार-बार बीमार पड़ने लगे, लगातार पेट के दर्द या संक्रमण से जूझे अथवा उसे खाना निगलने और पचाने में दिक्कत आए, तो परिजनों को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलकर परामर्श लेना चाहिए।

सवाल-जवाब

बच्चों को रोज फास्ट फूड क्यों नहीं खिलाना चाहिए?
फास्ट फूड में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की कमी होती है तथा वसा व नमक अधिक होता है, जिससे बच्चों का शारीरिक विकास रुक सकता है और बीमारियां बढ़ सकती हैं।
प्रोटीन एनर्जी मालन्यूट्रिशन क्या होता है?
यह कुपोषण का वह रूप है जिसमें शरीर को विकास के लिए पर्याप्त प्रोटीन और ऊर्जा नहीं मिलती, जिसके कारण बच्चे की लंबाई और वजन उम्र के अनुसार कम रह जाते हैं।
लगातार फास्ट फूड खाने से पेट से जुड़ी कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?
नियमित फास्ट फूड खाने से बच्चों को गैस, पेट में दर्द, डायरिया और संक्रमण जैसी पाचन संबंधी तकलीफें हो सकती हैं।
बच्चों के बेहतर विकास के लिए आहार में किन चीजों को शामिल करना चाहिए?
बच्चों की डाइट में मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सलाद, दूध-दही, अंडा और आयरन के स्रोत के रूप में गुड़ शामिल करना चाहिए।
शुरुआती छह महीने के शिशु के लिए पोषण का सर्वोत्तम स्रोत क्या है?
शुरुआती छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और इसमें पानी की भी अलग से जरूरत नहीं होती।
माता-पिता को डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
यदि बच्चे का वजन या लंबाई बढ़ना रुक जाए, वह बार-बार बीमार पड़े, लगातार पेट दर्द या संक्रमण से परेशान रहे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp