त्वचा की रंगत निखारने और चेहरे की देखभाल के लिए बाजार में मिलने वाले सौंदर्य प्रसाधनों का चयन करते समय सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। केवल चमक-दमक, ब्रांड और आकर्षक दामों को देखकर खरीदी जाने वाली क्रीम सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसी कड़ी में भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO ने आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दो बेहद लोकप्रिय विदेशी सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर कड़ा परामर्श जारी किया है। नियामक संस्था ने साफ किया है कि पाकिस्तान में बनी इन क्रीमों को भारतीय बाजारों में बेचना पूरी तरह गैर-कानूनी है, क्योंकि इनके आयात और वितरण के लिए कोई अनिवार्य सरकारी स्वीकृति नहीं ली गई है।
जांच में हुआ हेवी मेटल्स का खुलासा
नियामक संस्था के कॉस्मेटिक्स प्रभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस सार्वजनिक चेतावनी के केंद्र में गोरी ब्यूटी क्रीम और चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम नाम के दो उत्पाद हैं। इन दोनों सौंदर्य उत्पादों के पैकेट पर स्पष्ट रूप से इनके पाकिस्तान में निर्मित होने का उल्लेख दर्ज है। प्रयोगशाला परीक्षणों और विस्तृत जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने पाया कि इन दोनों प्रसाधनों में हेवी मेटल्स की सांद्रता सुरक्षित वैज्ञानिक सीमा से कहीं अधिक है। चेहरे तथा त्वचा के सीधे संपर्क में आने वाले सौंदर्य प्रसाधनों में अत्यधिक मात्रा में भारी धातुओं की मौजूदगी सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। ऐसे तत्वों के लंबे समय तक उपयोग से शरीर और त्वचा को अपरिवर्तनीय नुकसान होने का गंभीर खतरा बना रहता है।
बिना पंजीकरण भारत में बिक्री अवैध
CDSCO ने स्पष्ट किया है कि भारत में विदेशी कॉस्मेटिक्स की वैध बिक्री के लिए अनिवार्य आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल करना कानूनी जरूरत है। इन दोनों पाकिस्तानी सौंदर्य क्रीमों के लिए संबंधित केंद्रीय प्राधिकारी द्वारा कोई भी आयात प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था। प्रमाणन और वैध अनुमति के अभाव में यह दोनों उत्पाद भारत के आधिकारिक व्यापार नेटवर्क का हिस्सा नहीं हो सकते। नियमों की अनदेखी कर अनाधिकृत रास्तों से लाई जाने वाली ऐसी सामग्रियों की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती, जिससे उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
नियामक ने सभी उपभोक्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे गोरी ब्यूटी क्रीम और चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम को किसी भी हाल में न खरीदें। यदि किसी नागरिक ने पहले ही इन क्रीमों को खरीद लिया है, तो उन्हें तुरंत इनका प्रयोग बंद करने और इन्हें नष्ट करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, बाजार में इन्हीं नामों से मिलते-जुलते लेबल, मिलते-जुलते डिब्बे या भ्रामक पैकेजिंग के साथ बिक रहे अन्य संदिग्ध उत्पादों से भी सतर्क रहने को कहा गया है। विशेष रूप से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों और सोशल मीडिया के जरिए खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को निर्माता, आयातक का विवरण, बैच संख्या और आधिकारिक पंजीकरण संख्याओं की बारीकी से जांच करनी चाहिए।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स कानून के तहत कार्रवाई
भारत में सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण और विदेशी आयात की पूरी व्यवस्था ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 के कड़े नियमों के तहत संचालित होती है। इन कानूनों के प्रावधानों के अनुसार, देश के भीतर किसी भी सौंदर्य सामग्री के उत्पादन के लिए सक्षम राज्य या केंद्रीय प्राधिकरण से लाइसेंस लेना अनिवार्य है, जबकि विदेश से उत्पाद मंगवाने पर विधिवत पंजीकरण कराना कानूनी शर्त है। नियामक ने कानून प्रवर्तन और निगरानी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे देश भर में इन दोनों अवैध पाकिस्तानी क्रीमों की बिक्री, भंडारण और वितरण नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए फौरन सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
















