भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल श्रृंखला अब अपने सबसे रोमांचक मुकाम पर पहुंच गई है। चार मुकाबलों के बाद दोनों ही टीमें दो-दो मैच जीतकर बराबरी पर खड़ी हैं। श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम मुकाबला 17 अक्टूबर यानी शनिवार को बेंगलुरु के मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इस खिताबी भिड़ंत में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के कंधों पर घरेलू मैदानों पर बना ऐतिहासिक दबदबा बनाए रखने का भारी दारोमदार रहने वाला है। अगर शनिवार को नतीजे टीम के पक्ष में नहीं रहे, तो टी20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारत को अपनी धरती पर कैरेबियाई टीम के हाथों टी20 सीरीज गंवानी पड़ सकती है।
घरेलू मैदान पर अटूट है भारतीय टीम का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
क्रिकेट आंकड़ों के पन्नों को पलटें तो भारतीय टीम अपनी सरजमीं पर वेस्टइंडीज के सामने सदैव भारी पड़ी है। भारत और वेस्टइंडीज के मध्य टी20 प्रारूप में पहली भिड़ंत साल 2009 के आईसीसी टी20 विश्व कप के दौरान हुई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में जब दोनों देशों के बीच पहली बार एकल टी20 मैच की द्विपक्षीय सीरीज खेली गई, तब भी भारतीय टीम ने बाजी मारी थी। केवल टी20 ही नहीं, बल्कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट को भी मिला लें, तो साल 2002 से लेकर अब तक कैरेबियाई टीम कभी भी भारतीय जमीन पर कोई भी सीरीज जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है। अब 17 अक्टूबर को होने वाला यह मुकाबला तय करेगा कि पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से चला आ रहा यह गौरवशाली सफर कायम रहता है या नहीं।
वेस्टइंडीज का हालिया प्रदर्शन और कैरेबियाई चुनौती
कैरेबियाई टीम ने भारत के खिलाफ आखिरी बार टी20 सीरीज साल 2023 में जीती थी। हालांकि वह श्रृंखला वेस्टइंडीज के अपने मैदानों पर खेली गई थी, जहां पांच मुकाबलों की सीरीज में उन्होंने तीन मैच जीतकर बाजी मारी थी जबकि भारत केवल दो मुकाबले ही अपने नाम कर सका था। उस जीत के बाद से वेस्टइंडीज की टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामकता लगातार साबित करती रही है। मौजूदा श्रृंखला में भी उन्होंने दो मुकाबलों में शानदार खेल दिखाकर सीरीज 2-2 से बराबर कर रखी है, जिससे निर्णायक मुकाबले में दबाव साफ तौर पर मेजबान दल के ऊपर आ गया है।
शे होप की शानदार फॉर्म टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा खतरा
अंतिम टी20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने सबसे बड़ी चुनौती वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप पेश करने वाले हैं। शे होप इस समय जबर्दस्त बल्लेबाजी फॉर्म से गुजर रहे हैं और लगातार रन जुटा रहे हैं। अगर बेंगलुरु की सपाट पिच पर होप का बल्ला एक बार फिर चल निकला, तो भारतीय टीम के गेंदबाजों के लिए वापसी करना बेहद कठिन हो जाएगा। श्रेयस अय्यर और उनके साथी खिलाड़ियों को अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज करने के लिए होप को जल्दी पवेलियन भेजने की ठोस रणनीति तैयार करनी होगी, ताकि घरेलू जमीन पर क्लीन रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
























