घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी 5 मैचों की टी20 सीरीज के बीच भारतीय क्रिकेट खेमे से अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी को लेकर अहम प्रतिक्रिया सामने आई है। रांची में 9 अक्टूबर को होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से ठीक एक दिन पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने अनुभवी सीमर के टीम में शामिल किए जाने के फैसले पर अपनी बात रखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला समाप्त होने के तुरंत बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के लंबे दौरे पर रवाना होना है, जहां दोनों देशों के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है। इस आगामी दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई पहले ही राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर चुका है, जिसमें लंबे अंतराल के बाद भुवनेश्वर कुमार को दोबारा टी20 दल का हिस्सा बनाया गया है।
मैदान पर तजुर्बे का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सितांशु कोटक से भुवनेश्वर कुमार के टीम में चयन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला चयनकर्ताओं का ही होता है। हालांकि, अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए उन्होंने खेल में लंबे अनुभव की अनिवार्यता पर जोर दिया। कोटक ने इंग्लैंड के पिछले दौर को याद करते हुए बताया कि जब जसप्रीत बुमराह टीम के साथ मौजूद नहीं थे और आक्रमण की कमान युवा गेंदबाजों के हाथों में थी, तब यह बात साफ तौर पर महसूस हुई कि तजुर्बे का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि निसंदेह नए और उभरते हुए गेंदबाज लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें इसी दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह भी मिल रही है, लेकिन उच्चतम स्तर की क्रिकेट में संतुलन बनाने के लिए कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी बेहद जरूरी होती है।
आईपीएल प्रदर्शन और न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां
अनुभव के महत्व के साथ-साथ सितांशु कोटक ने भुवनेश्वर कुमार की मौजूदा फॉर्म और हालिया ट्रैक रिकॉर्ड का भी जिक्र किया। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले दो आईपीएल सत्रों के दौरान भुवनेश्वर का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। कोटक के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने कीवी सरजमीं की तेज और स्विंग की अनुकूल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही यह निर्णय लिया होगा। न्यूजीलैंड के मैदानों पर गेंद की दिशा और गति को नियंत्रित करने के लिए जिस परिपक्वता की दरकार होती है, भुवनेश्वर उस पैमाने पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन और खेल की समझ को देखते हुए ही प्रबंधन और चयन समिति ने विदेशी परिस्थितियों में उनके अनुभव को भुनाने की रणनीति बनाई है।
मोहम्मद शमी के कमबैक पर भी रखी बात
भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद स्वाभाविक तौर पर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। संवाददाताओं ने जब इस विषय पर बैटिंग कोच से राय जाननी चाही, तो उन्होंने बेहद नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। कोटक ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह चयन समिति के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए किसी खिलाड़ी के भविष्य पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहना उनके अधिकार में नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने माना कि शमी इस समय प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहे हैं और अपनी लय साबित कर रहे हैं। कोटक ने कहा कि अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि शमी का प्रदर्शन टीम की जरूरतों के अनुकूल है और टीम संतुलन के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है, तो किसी भी काबिल खिलाड़ी के लिए टीम के दरवाजे कभी बंद नहीं होते।


















