बांग्लादेश के विकेटकीपर बल्लेबाज लिटन दास के लिए राहत की बड़ी खबर आई है, जो पिछले कई महीनों से चोट के चलते परेशान चल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने से ठीक पहले लिटन दास ने विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस शुरू कर दी है, और टीम प्रबंधन इसे बड़ी राहत के तौर पर देख रहा है।
लिटन दास चोट के चलते कुछ समय से बांग्लादेश टीम से बाहर चल रहे थे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए स्क्वॉड में बाद में शामिल किया गया था। अब वह ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर टीम के साथ अभ्यास सत्रों में जुट गए हैं, जो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।
6 से 8 अगस्त तक होगा अभ्यास मैच, टीम को लिटन से उम्मीदें
5 अगस्त को लिटन दास ने डीएक्ससी एरिना में बिना किसी तकलीफ या दर्द के अपना अभ्यास सत्र पूरा किया। इस दौरे पर बांग्लादेश टीम के साथ यह उनका पहला ट्रेनिंग सेशन था। बोर्ड के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि डार्विन में 6 से 8 अगस्त तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ खेले जाने वाले तीन दिवसीय अभ्यास मैच में लिटन दास मौजूद रहेंगे। उन्हें भरोसा है कि लिटन उस मुकाबले तक पूरी तरह फिट होकर उपलब्ध रहेंगे। टेस्ट सीरीज से पहले ऐसे अभ्यास मैच किसी भी खिलाड़ी की फिटनेस और फॉर्म को परखने का आखिरी मौका होते हैं, खासकर तब जब वह लंबे समय बाद वापसी कर रहा हो, और लिटन का मामला भी इससे अलग नहीं है।
चोट के चलते जिम्बाब्वे दौरे से रह गए थे बाहर
सिलेक्शन कमिटी ने पहले साफ कह दिया था कि लिटन दास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। बाद में हालात बदले और उन्हें दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल कर लिया गया। दरअसल जून में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के दौरान लिटन के बाएं काफ में चोट लग गई थी, जिसकी वजह से वह जून और जुलाई में हुए जिम्बाब्वे दौरे पर टीम के साथ नहीं जा सके थे। राहत की बात यह है कि अब वह पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम से जुड़ भी चुके हैं।
नेट्स में लंबी बल्लेबाजी, फिर विकेटकीपिंग का अभ्यास
लिटन ने नेट्स में काफी देर तक बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी की और उसके बाद विकेटकीपिंग का भी अभ्यास किया। हबीबुल ने बताया कि जिम्बाब्वे सीरीज के दौरान भी लिटन को बल्लेबाजी में कोई दिक्कत नहीं हुई थी और उनकी सबसे बड़ी परेशानी सिर्फ काफ में है, जिसकी वजह से तेजी से मुड़ने और दौड़ने में उन्हें तकलीफ होती है। विकेटकीपिंग खुद एक ऐसा काम है जिसमें बार-बार झुकना, तेजी से साइड की ओर बढ़ना और स्टंप्स के पीछे लगातार हरकत में रहना पड़ता है, जिससे पैरों के निचले हिस्से खासकर काफ पर काफी दबाव पड़ता है, इसलिए यह अभ्यास सत्र लिटन के लिए काफी अहम था। हबीबुल ने उम्मीद जताई कि आगे सब कुछ अच्छा ही रहेगा।
फॉर्म और लय वापस पाने की बड़ी परीक्षा
लिटन दास के लिए यह अभ्यास मैच काफी अहम साबित हो सकता है। चोट की वजह से वह लंबे समय से किसी भी मुकाबले में नहीं उतर पाए हैं, और इस लंबे ब्रेक ने विकेटकीपर और टॉप ऑर्डर बल्लेबाज दोनों भूमिकाओं में उनकी मैच प्रैक्टिस को प्रभावित किया है। अगर वह पूरी तरह फिट होकर डार्विन में इस मैच में उतरते हैं, तो टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले वह अपनी पुरानी लय और फॉर्म वापस हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे, जिससे बांग्लादेश को एक फिट और फॉर्म में विकेटकीपर बल्लेबाज मिल सकता है।



















