विदेशी मुद्रा बाजार में USD/JPY की जोड़ी 159.44 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है, क्योंकि निवेशक टोक्यो और वॉशिंगटन से मिलने वाले मौद्रिक नीति के संकेतों का विश्लेषण कर रहे हैं। यह करेंसी पेयर 160.00 के तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर के नीचे अटका हुआ है, जबकि इसे अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के लगातार मिल रहे संकेतों और जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप की चेतावनियों ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त को एक सीमा में बांध रखा है। इस बीच, यूरोप और अमेरिका के वित्तीय बाजारों की नजरें आगामी महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के बयानों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में वैश्विक विदेशी मुद्रा दरों की दिशा तय कर सकते हैं।
बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें
वित्तीय बाजार विश्लेषक एलिआस हदाद के अनुसार, जापान में अंतर्निहित मुद्रास्फीति मजबूत हुई है और यह केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के करीब या उससे थोड़ा नीचे बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए बैंक ऑफ जापान के डिप्टी गवर्नर र्योजो हिमिनो ने हाल ही में बैंक के सख्त नीतिगत रुख को दोहराया है। बाजार सहभागियों का अनुमान है कि 18 सितंबर को होने वाली आगामी मौद्रिक नीति बैठक में बैंक ऑफ जापान ब्याज दर में 25 bps की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे मुख्य दर बढ़कर 1.25% हो जाएगी। इस कदम की संभावना को बाजार में 80% तक पहले ही आंका जा चुका है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बैंक ऑफ जापान की सख्ती से ही USD/JPY में बड़ी गिरावट आना मुश्किल है। इसके लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से नीति में नरमी के संकेत मिलना अधिक आवश्यक है। इसके अलावा, जापानी अधिकारियों द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की निरंतर धमकी ने JPY को शॉर्ट करने की लागत काफी बढ़ा दी है, जिससे 160.00 के स्तर से ऊपर जाने की गुंजाइश सीमित हो गई है।
USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी दृष्टिकोण से, USD/JPY एक दीर्घकालिक अपट्रेंड में बना हुआ है, जिसे 50-दिवसीय EMA और 200-दिवसीय EMA के बीच बने गोल्डन क्रॉस पैटर्न से मजबूती मिल रही है। वर्तमान लाइव तकनीकी आंकड़े बाजार की स्थिति को इस प्रकार दर्शाते हैं
- वर्तमान स्पॉट प्राइस: यह करेंसी पेयर 159.44 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 159.22 से +0.14% अधिक है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 146.22 से 163.98 के बीच रहा है।
- मूविंग एवरेज: 20-दिवसीय EMA 159.49 पर, 50-दिवसीय EMA 160.08 पर और 200-दिवसीय EMA 157.71 पर स्थित है। वहीं सिंपल मूविंग एवरेज के तहत 50-दिवसीय SMA 160.94 और 200-दिवसीय SMA 158.38 पर मजबूत सपोर्ट दे रहा है।
- मोमेंटम इंडिकेटर्स: 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 47 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम को दर्शाता है। MACD हिस्टोग्राम 0.13 के साथ बुलिश रुझान दिखा रहा है, जहां MACD लाइन -0.50 और सिग्नल लाइन -0.62 पर है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 83 और सिग्नल लाइन 81 पर बनी हुई है।
- वोलेटिलिटी और पीवॉट लेवल्स: 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 1.01 पर है, जो दैनिक वोलेटिलिटी को मापता है। बोलिंगर बैंड 157.27 से 160.33 के बीच फैला है, जिसका मध्य स्तर 158.80 है। दैनिक पीवॉट पॉइंट 159.36 पर है, जिसके ऊपर R1 159.61 और R2 159.78 पर रेजिस्टेंस स्तर हैं, जबकि नीचे S1 159.19 और S2 158.94 पर सपोर्ट मौजूद है।
यूरोपीय मुद्रा बाजार: GBP/USD और EUR/USD में सीमित हलचल
जापानी येन के अलावा, यूरोप के प्रमुख मुद्रा जोड़ों में भी अमेरिका के आगामी आर्थिक घटनाक्रमों से पहले सतर्कता देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड की जोड़ी GBP/USD गुरुवार को यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान अपने साप्ताहिक निचले स्तर के पास 1.3600 के नीचे स्थिर बनी हुई है। निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर स्पष्टता हासिल करने के लिए फेड चेयरमैन के भाषण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD 1.1650 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से सख्त रुख की उम्मीदें यूरो को सहारा दे रही हैं, जिससे अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद डॉलर में आई मजबूती का असर कुछ हद तक संतुलित हो गया है। व्यापारी अब मध्य पूर्व के घटनाक्रम और अमेरिका के नए जॉबलेस क्लेम आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सोना $4,600 के पास सुस्त, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण पर टिकी निगाहें
कमोडिटी बाजार में, सोना गुरुवार को यूरोपीय सत्र की पहली छमाही के दौरान $4,600 प्रति औंस के स्तर के आसपास कमजोर बना हुआ है, जो पिछले कारोबारी सत्र में छुए गए साप्ताहिक निचले स्तर के करीब है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के आगामी भाषण से पहले नई आक्रामक पोजीशन लेने से बच रहे हैं। केविन वॉर्श शुक्रवार को जैक्सन होल सम्मेलन में फेड चेयरमैन के रूप में अपना पहला भाषण देने जा रहे हैं। बाजार को उम्मीद है कि इस संबोधन में केवल सितंबर की ब्याज दर नीति ही नहीं, बल्कि भविष्य के मौद्रिक ढांचे और मुद्रास्फीति नियंत्रण की व्यापक रणनीतियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। यह भाषण अमेरिकी डॉलर के मूल्य और बिना ब्याज देने वाले सोने की कीमतों को नया दिशा-निर्देश प्रदान कर सकता है।



















