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झारखंड विधानसभा में जेन जी का खाता शून्य, मिलेनियल्स के हाथ युवा नेतृत्व; जानिए कौन हैं सदन के 5 सबसे कम उम्र के विधायकराजनीति
27 अग॰ 2026, 5:11 pm (1 घंटे पहले)· 3

झारखंड विधानसभा में जेन जी का खाता शून्य, मिलेनियल्स के हाथ युवा नेतृत्व; जानिए कौन हैं सदन के 5 सबसे कम उम्र के विधायक

झारखंड विधानसभा के 81 सदस्यों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सदन में जेन जी पीढ़ी का एक भी विधायक नहीं है, जबकि 40 वर्ष या उससे कम उम्र के कुल 5 मिलेनियल विधायक राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के समापन के बाद से ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए और युवा चेहरों की उपस्थिति को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। विधानसभा में नई पीढ़ी के नेताओं की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, लेकिन जब संवैधानिक और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर जेन जी पीढ़ी का विश्लेषण किया जाता है, तो एक बहुत ही दिलचस्प स्थिति सामने आती है। राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा के आधिकारिक जन्म तिथि रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान सदन में जेन जी श्रेणी का एक भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं है।

जनसांख्यिकीय मानदंड और चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु

संसदीय और राजनीतिक परिभाषाओं के अनुसार, उन युवाओं को जेन जी की श्रेणी में रखा जाता है जिनका जन्म वर्ष 1997 से 2012 के मध्य हुआ है। भारत में विधानसभा चुनाव लड़ने और विधायक बनने के लिए संविधान द्वारा निर्धारित न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। इस नियमावली के आधार पर, वर्ष 1997 से 2001 के बीच जन्मे युवा वर्तमान समय में चुनाव लड़ने और विधायक बनने के लिए पूर्ण रूप से योग्य हो चुके हैं। इसके बावजूद, झारखंड विधानसभा की वर्तमान 81 विधायकों की सूची और उनके जन्म प्रमाण पत्रों की पड़ताल करने पर यह बात साफ हो जाती है कि इस युवा जनसांख्यिकीय वर्ग से एक भी प्रत्याशी जीतकर सदन तक नहीं पहुंच पाया है।

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मिलेनियल्स पीढ़ी के पास युवा प्रतिनिधित्व की कमान

सदन में भले ही जेन जी पीढ़ी की उपस्थिति शून्य हो, लेकिन 40 वर्ष या उससे कम आयु वाले कुल 5 विधायक विधानसभा में जनता की आवाज उठा रहे हैं। ये सभी 5 युवा जनप्रतिनिधि जेन जी से ठीक पहले की पीढ़ी, यानी मिलेनियल्स वर्ग से संबंध रखते हैं। राज्य के इन 5 सबसे कम उम्र के विधायकों का ब्योरा इस प्रकार है

  • जयराम कुमार महतो: डुमरी विधानसभा सीट से जेएलकेएम के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे जयराम कुमार महतो पूरे सदन के सबसे कम उम्र के विधायक हैं। उनका जन्म 27 सितंबर 1994 को हुआ था और वर्तमान में उनकी आयु 31 वर्ष है।
  • शिल्पी नेहा तिर्की: मांडर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की सदन की प्रमुख युवा महिला प्रतिनिधि हैं। 16 अगस्त 1993 को जन्मीं शिल्पी नेहा तिर्की की मौजूदा उम्र 33 वर्ष है।
  • पूर्णिमा साहू: जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक पूर्णिमा साहू भी मिलेनियल वर्ग से आती हैं। उनकी वर्तमान आयु लगभग 33 से 34 वर्ष के आसपास है।
  • कुमार जयमंगल (अनूप सिंह): बेरमो विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले कुमार जयमंगल, जिन्हें अनूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है, की उम्र लगभग 38 वर्ष है।
  • विकास कुमार मुंडा: तमाड़ विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम के विधायक विकास कुमार मुंडा भी सदन के युवा वर्ग में शामिल हैं और उनकी वर्तमान आयु लगभग 38 वर्ष है।

सदन में युवाओं का बढ़ता प्रभाव और भविष्य की राह

यद्यपि वर्तमान 81 सदस्यीय सदन में जेन जी का खाता नहीं खुल सका है, परंतु झारखंड के सियासी परिदृश्य में मिलेनियल पीढ़ी के युवा नेताओं की साख और प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है। जयराम कुमार महतो तथा शिल्पी नेहा तिर्की जैसे युवा जनप्रतिनिधि विधानसभा की कार्यवाहियों के दौरान आम जनता के ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता और प्रखरता के साथ उठा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावी चक्रों में जैसे-जैसे जेन जी वर्ग के अधिक युवा 25 वर्ष की पात्रता सीमा को पार करेंगे, राज्य की राजनीति में उनकी सीधी भागीदारी और उम्मीदवारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।

सवाल-जवाब

झारखंड विधानसभा में जेन जी पीढ़ी के कितने विधायक हैं?
वर्तमान 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में जेन जी श्रेणी का एक भी विधायक नहीं है।
झारखंड विधानसभा के सबसे युवा विधायक कौन हैं?
डुमरी सीट से जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो 31 वर्ष की आयु में सदन के सबसे कम उम्र के विधायक हैं।
भारत में विधायक का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु कितनी है?
भारत में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष तय की गई है।
झारखंड विधानसभा में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के कितने विधायक हैं?
विधानसभा में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के कुल 5 विधायक हैं, जो सभी मिलेनियल पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

झारखंड विधानसभा के इन चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि 25 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा पूरी करने के बावजूद जेन जी पीढ़ी का सदन में न पहुंच पाना विधायी राजनीति में युवाओं की शुरुआती बाधाओं को उजागर करता है। यद्यपि मिलेनियल पीढ़ी के 5 विधायक सदन में हैं, लेकिन चुनावी राजनीति में प्रवेश की ऊंची वित्तीय और सामाजिक लागत तथा राजनीतिक दलों द्वारा टिकट वितरण में युवा पीढ़ी को दरकिनार करना आगामी स्थानीय चुनावों और भविष्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर विषय है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

झारखंड के इन चुनावी आंकड़ों का यह पहलू विशेष रूप से गौर करने योग्य है कि भले ही 25 वर्ष की आयु पूरी करने वाले जेन जी युवा चुनावी समर में उतरने के पात्र हो चुके हों, परंतु मुख्यधारा की राजनीति में स्थापित दलों की कार्यशैली और टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में उन्हें पर्याप्त अवसर न मिलना एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती बनी हुई है। जब तक राजनीतिक दल युवा नेतृत्व को केवल रैलियों तक सीमित रखने के बजाय विधायिका के नीति-निर्माण मंचों पर सीधे तौर पर तवज्जो नहीं देंगे, तब तक लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनसांख्यिकीय संतुलन का यह शून्य इसी प्रकार बना रहेगा और आगामी चुनावों में युवा आकांक्षाओं को बड़ा झटका लगता रहेगा।

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