पाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलअमृतसर के चीते कलां में आम आदमी पार्टी सरपंच के बेटे की गोली मारकर हत्या, साथी जख्मीरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्टगोंदिया में टिफिन और शरीर पर गांजा छिपाकर तस्करी करने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा का धमाकेदार प्रदर्शन, टेस्ट टीम में दावेदारी मजबूतक्रिकेट
3 सित॰ 2026, 8:30 am (54 दिन पहले)· 2

दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा का धमाकेदार प्रदर्शन, टेस्ट टीम में दावेदारी मजबूत

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नाबाद 116 और 51 रन की पारी खेलकर साउथ जोन को 24वीं बार फाइनल में पहुंचाने वाले तिलक वर्मा ने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी दावेदारी पेश की है।

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने शतकीय और अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को 24वीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा दिया है। उन्होंने पहली पारी में शानदार 116 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में 51 रन बनाकर नाबाद रहे। भले ही तिलक वर्मा को सफेद गेंद के क्रिकेट में विशेषज्ञ माना जाता हो—वह भारतीय T20I टीम के उपकप्तान हैं और आईपीएल में मुंबई इंडियंस की कप्तानी के प्रमुख दावेदारों में गिने जाते हैं—लेकिन 23 वर्षीय इस वामहस्त बल्लेबाज का मुख्य सपना लाल गेंद से टेस्ट क्रिकेट खेलना है। तिलक वर्मा के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट का जुनून उनके खून में बसता है और वह लंबे प्रारूप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

लाल गेंद के प्रारूप से पुराना नाता और संघर्ष का सफर

एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले तिलक वर्मा का कहना है कि उन्होंने बचपन से ही टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना देखा था। 23 साल के इस युवा खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी शुरुआत में केवल वाइट बॉल फॉर्मेट खेलने के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन किस्मत और आईपीएल के प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय T20I टीम तक पहुंचा दिया। तिलक वर्मा ने बताया कि वह लगभग 10 साल की उम्र से ही क्रिकेट मैदान पर पसीना बहा रहे हैं। T20I टीम में चुने जाने से काफी पहले ही उन्होंने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लाल गेंद से पर्याप्त अनुभव अर्जित कर लिया था। हैदराबाद के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले इस बल्लेबाज ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर भारतीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर तक का रास्ता तय किया है।

ये भी पढ़ें

भारतीय टेस्ट टीम में बल्लेबाजी क्रम का समीकरण

अगर चयनकर्ता तिलक वर्मा को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करते हैं, तो टीम के मौजूदा बल्लेबाजी क्रम में उनके लिए जगह बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। भारतीय मिडिल ऑर्डर में इस समय ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल और सरफराज खान जैसे स्थापित और प्रतिभाशाली बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला है। दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन के लिए तिलक वर्मा नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हैं। भारतीय राष्ट्रीय टीम में नंबर 4 की जगह लंबे समय तक पूर्व कप्तान विराट कोहली के पास रही और वर्तमान में इस स्थान पर कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी कर रहे हैं। ऐसे में तिलक वर्मा के लिए नंबर 4 या नंबर 5 का स्थान उपयुक्त माना जा रहा है।

वामहस्त तकनीक और गेंदबाजी का अतिरिक्त विकल्प

तिलक वर्मा की सबसे बड़ी ताकत उनका बाएं हाथ का बल्लेबाज होना है। यदि वह टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में शामिल होते हैं, तो टीम को एक मजबूत और संतुलित लेफ्ट-राइट बैटिंग कॉम्बिनेशन प्राप्त होगा। इसके अलावा, तिलक वर्मा उपयोगी स्पिन गेंदबाजी का विकल्प भी प्रदान करते हैं, जिससे कप्तान को गेंदबाजी में विविधता मिलती है। यही कारण है कि चयनकर्ताओं और क्रिकेट विश्लेषकों की नजरें उनके ऑलराउंड प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

ईस्ट जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी का फाइनल और भविष्य की राह

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल के कारण तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलने के बहुत कम अवसर मिलते हैं। तिलक भी इस सच्चाई को अच्छी तरह समझते हैं कि दलीप ट्रॉफी में केवल दो बेहतरीन पारियों के दम पर टेस्ट टीम में जगह पाना आसान नहीं है। टेस्ट टीम का दरवाजा खटखटाने के लिए उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बड़ी पारियां खेलनी होंगी। 6 सितंबर से शुरू हो रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में साउथ जोन की भिड़ंत ईस्ट जोन से होगी। ईस्ट जोन के खिलाफ इस खिताबी मुकाबले में तिलक वर्मा के पास एक और मैच विनिंग पारी खेलकर साउथ जोन को चैंपियन बनाने और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने का बेहतरीन मौका होगा। युवा प्रतिभाओं जैसे वैभव सूर्यवंशी की उपस्थिति वाले इस टूर्नामेंट में तिलक वर्मा का प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर की दिशा तय कर सकता है।

सवाल-जवाब

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में तिलक वर्मा ने कितना स्कोर किया?
तिलक वर्मा ने साउथ जोन के लिए कप्तानी करते हुए पहली पारी में 116 रन और दूसरी पारी में नाबाद 51 रन बनाए।
साउथ जोन का दलीप ट्रॉफी में अगला मैच कब और किससे है?
साउथ जोन 6 सितंबर से शुरू हो रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में ईस्ट जोन के खिलाफ खेलेगी।
भारतीय टेस्ट टीम में तिलक वर्मा की मुख्य प्रतिस्पर्धा किन खिलाड़ियों से है?
मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा की टक्कर मुख्य रूप से ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल और सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों से है।
टीम इंडिया में तिलक वर्मा किस बल्लेबाजी क्रम पर फिट हो सकते हैं?
दलीप ट्रॉफी में नंबर 4 पर खेलने वाले तिलक वर्मा भारतीय टेस्ट टीम में नंबर 4 या नंबर 5 के स्थान पर फिट हो सकते हैं।
तिलक वर्मा की कौन सी खूबियां उन्हें टेस्ट टीम के लिए उपयोगी बनाती हैं?
वे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं जो बल्लेबाजी क्रम में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन देते हैं और साथ ही उपयोगी स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp