भारतीय क्रिकेट टीम में तीसरे नंबर की जिम्मेदारी साल 2012 से लगातार दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली संभालते आए हैं। इस अहम पायदान पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए हैं। टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से पहले ही संन्यास की घोषणा कर चुके कोहली के लिए 2027 का वनडे वर्ल्ड कप अंतिम वैश्विक टूर्नामेंट साबित हो सकता है। ऐसे में क्रिकेट हलकों के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि उनके बाद पचास ओवर के प्रारूप में तीसरे नंबर का प्रमुख स्थान कौन संभालेगा। इस महत्वपूर्ण विषय पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने अपनी राय सामने रखी है और माना है कि युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा इस जिम्मेदारी को उठाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
रोहित और विराट के युग के बाद नए विकल्पों पर नजर
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए रेखांकित किया कि तिलक वर्मा की सबसे प्रमुख खूबी उनका किसी भी बल्लेबाजी क्रम में आसानी से ढल जाना है। वह पहले तीसरे क्रम पर उतरकर शतक जमा चुके हैं और निचले क्रम में पांचवें तथा छठे नंबर पर भी बेहतरीन पारियां खेल रहे हैं। जाफर के अनुसार अब वह समय आ चुका है जब टीम को सीनियर खिलाड़ियों की विदाई के बाद की योजना पर अमल करना चाहिए। रोहित शर्मा के बाद पारी का आगाज करने के लिए जहां यशस्वी जायसवाल तैयार नजर आते हैं, वहीं विराट के हटने पर तीसरे क्रम पर बाएं हाथ का बल्लेबाज होना टीम संतुलन के लिहाज से सबसे उत्तम रहेगा। दलीप ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगभग 55 का प्रभावशाली औसत यह साबित करता है कि वह खेल के तीनों फॉर्मेट में आसानी से जगह बना सकते हैं।
सीमित मौकों के बावजूद प्रतिभा का प्रमाण
तिलक वर्मा लंबे अरसे से भारतीय टी20 सेटअप में लगातार शामिल रहे हैं और उन्होंने इस फॉर्मेट में कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। इसके विपरीत पचास ओवर के प्रारूप में उन्हें अब तक बेहद सीमित मौके मिले हैं। वनडे क्रिकेट में उन्हें अब तक सिर्फ 5 मैचों में मैदान पर उतरने का अवसर मिला है, जहां उन्होंने अलग-अलग बैटिंग पोजीशन पर खेलते हुए कुल 68 रन बनाए हैं। उनका अंतिम वनडे मैच दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध रहा था, जिसके बाद से उन्हें इस प्रारूप में खेलने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा वह हाल ही में आयोजित एशियन गेम्स में भी खेलते दिखाई दिए थे।
विराट कोहली के विशाल कद की भरपाई एक बड़ी चुनौती
विराट कोहली जैसे असाधारण खिलाड़ी की खाली जगह को भरना किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। कोहली ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले मैच में अपने एकदिवसीय करियर का 55वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कुल 86वां शतक जड़ा। अपनी इसी शानदार पारी के दौरान उन्होंने एकदिवसीय प्रारूप में अपने 15,000 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार कर लिया। वह विश्व और भारतीय क्रिकेट इतिहास में इस मुकाम तक पहुंचने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बने हैं। एकदिवसीय मैचों में सर्वाधिक रन बनाने की सर्वकालिक सूची में अब वह महान सचिन तेंदुलकर के ठीक पीछे दूसरे पायदान पर मौजूद हैं।



















