दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुरू हुई तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज के पहले मैच में मेजबान टीम ने 67 रनों से शानदार जीत दर्ज की। डरबन के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी मार्को येनसन ने खेल के तीनों विभागों में ऐसा कमाल दिखाया जो अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में बेहद दुर्लभ माना जाता है। येनसन ने पहले बल्ले से तेजी से 75 रन बनाए, इसके बाद गेंदबाजी में एक अहम विकेट झटका और फील्डिंग के दौरान चार शानदार कैच लपके। इस प्रदर्शन के बूते दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और येनसन ने एक खास ऐतिहासिक क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली।
वनडे क्रिकेट के बेहद दुर्लभ ऑलराउंड क्लब में एंट्री
एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में यह पांचवां मौका है जब किसी खिलाड़ी ने एक ही मैच के दौरान अर्धशतक जड़ा हो, कम से कम चार कैच लपके हों और साथ ही गेंदबाजी में कम से कम एक विकेट भी हासिल किया हो। यह कारनामा सबसे पहले साल 1998 में ढाका में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ किया था। उसके बाद 2002 में हरारे के मैदान पर यूनिस खान ने जिम्बाब्वे के सामने यह उपलब्धि हासिल की थी। साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने भारत के खिलाफ मेलबर्न में यह कमाल दोहराया, जबकि साल 2024 में नॉटिंघम में मार्नस लाबुशेन ने इंग्लैंड के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया था। अब 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डरबन में मार्को येनसन इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले दुनिया के पांचवें क्रिकेटर बन गए हैं।
मैथ्यू ब्रीत्जके का शतक और येनसन की आक्रामक पारी
मुकाबले में टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को शुरुआती झटकों का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मैथ्यू ब्रीत्जके ने संयम और कौशल का परिचय देते हुए 106 गेंदों पर 112 रनों की शतकीय पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की लड़खड़ाती पारी को संभालने में ब्रीत्जके और मार्को येनसन के बीच हुई 107 रनों की मजबूत साझेदारी ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। येनसन ने सिर्फ 59 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 75 रन बटोरे, जिसमें 7 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों के शानदार योगदान के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 297 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इस प्रदर्शन को लेकर क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका की ओर से सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा की गई।
ऑस्ट्रेलिया की तेज शुरुआत और अफ्रीकी गेंदबाजों की वापसी
जीत के लिए मिले 298 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड ने पहले विकेट के लिए 90 रनों की तेजतर्रार साझेदारी कर मेजबान टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। इस खतरनाक दिख रही जोड़ी को केशव महाराज ने मिचेल मार्श को आउट करके तोड़ा। इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दिया। मार्को येनसन ने ट्रेविस हेड को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि ब्योर्न फोर्टुइन ने जोश इंग्लिस को चलता किया। मध्यक्रम में कूपर कॉनॉली ने 38 रनों की तेज पारी खेलकर ऑस्ट्रेलियाई उम्मीदों को जीवित रखने का प्रयास किया, लेकिन फोर्टुइन ने उन्हें भी आउट कर इस प्रतिरोध को समाप्त कर दिया।
निचले क्रम का ढहना और दक्षिण अफ्रीका की बड़ी जीत
मैच के अंतिम चरण में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। कैमरन ग्रीन और जैक एडवर्ड्स के विकेट जल्दी गिरने के बाद मैट रेनशॉ 44 रन बनाकर संघर्ष कर रहे थे, लेकिन गेराल्ड कोएत्जी ने उनकी पारी का अंत कर दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के अंतिम चार विकेट महज 15 रनों के भीतर गिर गए और पूरी टीम 230 रनों पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका के लिए स्पिनर केशव महाराज सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए चार विकेट चटकाए। अब इस सीरीज का दूसरा एकदिवसीय मैच 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा, जहां ऑस्ट्रेलिया की टीम वापसी के इरादे से मैदान पर उतरेगी।



















