भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए बाएं हाथ के ओपनर यशस्वी जायसवाल को हाल के दिनों में विकेट के पीछे दस्ताने संभालते हुए देखा गया, जिसने क्रिकेट गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। मुख्य रूप से शीर्ष क्रम के विशुद्ध बल्लेबाज के रूप में पहचान बना चुके यशस्वी का यह नया प्रयोग कई क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों के गले नहीं उतरा। इस कदम पर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वसीम जाफर ने भी खुला ऐतराज जताया है और इस युवा खिलाड़ी को अपनी मूल ताकत यानी बल्लेबाजी पर ही पूरा ध्यान लगाने की साफ हिदायत दी है।
वसीम जाफर ने उठाए विकेटकीपिंग के फैसले पर सवाल
यशस्वी के विकेटकीपिंग अभ्यास पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वसीम जाफर ने कहा, “जब मैंने यह सुना तो मुझे भी हैरानी हुई। अगर आपने बचपन से विकेटकीपिंग नहीं की है, तो यह बहुत मुश्किल काम है।” जाफर ने आगे रेखांकित किया कि विकेटकीपिंग शारीरिक रूप से अत्यधिक मेहनत की मांग करने वाला काम है। उनका मानना है कि अगर यशस्वी इस कला को नए सिरे से साध भी लेते हैं, तब भी टीम इंडिया के लाइनअप में उनके लिए जगह बनना आसान नहीं होगा। भारतीय दल में पहले से ही ईशान किशन, संजू सैमसन और ऋषभ पंत जैसे स्थापित और कुशल विकेटकीपर मौजूद हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन है। जाफर के अनुसार, जायसवाल का यह प्रयास संभवतः व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी दावेदारी पेश करने का एक तरीका हो सकता है।
सीमित ओवरों के प्रारूप में जगह की भारी तंगी
यशस्वी जायसवाल की प्रतिभा और तकनीक पर किसी को कोई संदेह नहीं रहा है। विभिन्न प्रारूपों में मिले सीमित अवसरों को उन्होंने शानदार प्रदर्शन में तब्दील किया है। इसके बावजूद, सबसे बड़ी चुनौती यह बनकर उभरी है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी सामान्य बल्लेबाजी पोजीशन पर जगह नहीं बन पा रही है। यही मुख्य कारण माना जा रहा है कि एक असाधारण प्रतिभा होने के बाद भी वह मुख्य रूप से टेस्ट मैचों के घेरे में सिमटते नजर आ रहे हैं।
ओपनिंग से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कड़ा मुकाबला
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की बात करें तो जब तक रोहित शर्मा टीम की कमान संभाले हुए हैं, शीर्ष क्रम में ओपनिंग स्लॉट खाली होना नामुमकिन सा दिखता है। वहीं दूसरी तरफ, टीम के मध्यक्रम में कई आक्रामक और मजबूत बल्लेबाज मजबूती से जमे हुए हैं, जिनकी जगह यशस्वी को सीधे फिट करना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं है। टी20 प्रारूप की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। वहां अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे होनहार ओपनर कतार में खड़े हैं। ऐसे सघन और प्रतिस्पर्धी माहौल में सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम में प्रवेश पाने के लिए यशस्वी शायद विकेटकीपिंग को एक अतिरिक्त कौशल के रूप में आजमाने की कोशिश में हैं।



















