अबू धाबी के मैदान पर अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेला जा रहा एकमात्र टेस्ट मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। मुकाबले के दूसरे दिन अफगान बल्लेबाजों ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य का परिचय देते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी। खेल का दूसरा दिन समाप्त होने तक अफगानिस्तान की टीम ने अपनी पहली पारी में चार विकेट के नुकसान पर 211 रन जोड़ लिए हैं। क्रीज पर अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह 84 रन बनाकर मजबूती से डटे हुए हैं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज इकराम अलीखिल उनका बखूबी साथ निभा रहे हैं। पहली पारी के आधार पर अफगानिस्तान अभी भी बांग्लादेश से 135 रन पीछे है, जिससे मैच में दोनों ही टीमों के बीच मुकाबला बराबरी पर दिखाई दे रहा है।
सुबह के सत्र में सिमटी बांग्लादेश की पहली पारी
मुकाबले के दूसरे दिन का खेल जब शुरू हुआ, तब बांग्लादेश की टीम ने अपनी पहली पारी को कल के स्कोर 317 रन पर आठ विकेट से आगे बढ़ाया। हालांकि, अफगान गेंदबाजों ने सुबह के पहले घंटे में ही बेहद कसी हुई और अनुशासित गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश किया। मेहमान बांग्लादेश की टीम अपने कल के स्कोर में सिर्फ 29 रन का इजाफा कर सकी और पूरी टीम 346 रन बनाकर पवेलियन लौट गई।
गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हुए मोहम्मद सलीम साफी ने बांग्लादेश के निचले क्रम को टिकने नहीं दिया। सलीम ने तैजुल इस्लाम को नौ रन के स्कोर पर पगबाधा आउट कर दिन की पहली सफलता दिलाई। सलीम ने घातक गेंदबाजी करते हुए 82 रन खर्च कर चार विकेट अपनी झोली में डाले। इसके बाद यामीन अहमदजई ने इबादत हुसैन को पॉइंट के क्षेत्र में कैच आउट कराकर बांग्लादेश की पारी का अंत सुनिश्चित किया। यामीन ने सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए 79 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
नईम हसन का टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर
एक छोर से लगातार विकेट गिरने के बावजूद बांग्लादेश के लिए पुछल्ले बल्लेबाज नईम हसन ने गजब का संयम दिखाया। नईम हसन ने अफगान गेंदबाजों के खिलाफ सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की और कुछ बेहतरीन कट तथा ड्राइव शॉट लगाकर अपनी टीम के स्कोर को 340 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। नईम हसन ने नाबाद 35 रन बनाए, जो उनके टेस्ट करियर का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है। उनकी इस उपयोगी पारी की बदौलत ही बांग्लादेश पहली पारी में सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर सका।
शुरुआती झटकों के बाद संभली अफगानिस्तान की पारी
बांग्लादेश के 346 रन के जवाब में पहली पारी खेलने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही। पिच पर मौजूद असमान उछाल ने अफगान बल्लेबाजों की परीक्षा ली और शुरुआत में रन जुटाना काफी मुश्किल साबित हुआ। टीम को पहला झटका सलामी बल्लेबाज सेदिकुल्लाह अटल के रूप में लगा, जिन्हें तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 17 रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद लंच ब्रेक के तुरंत बाद इबादत हुसैन की एक तेज और उछाल भरी शॉर्ट गेंद ने शहीदुल्लाह कमाल को भी पवेलियन की राह दिखा दी।
महज दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद अफगानिस्तान की टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे नाजुक वक्त पर अब्दुल मलिक और रहमत शाह ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए 70 रनों की महत्वपूर्ण अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। अब्दुल मलिक ने गजब का धैर्य दिखाते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया और दोपहर के सत्र में टीम को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया।
चायकाल के बाद दोहरा झटका और कप्तानी विकेट का पतन
चायकाल तक मैच पर मजबूत पकड़ बना चुकी अफगान टीम को तीसरे सत्र के पहले ही ओवर में बड़ा झटका लगा। अब्दुल मलिक, इबादत हुसैन की गेंद पर एक ढीला शॉट खेलने के चक्कर में गेंद को बल्ले के बाहरी किनारे पर लगा बैठे और विकेटकीपर को कैच थमा दिया। इस तरह उनकी जुझारू पारी का अंत हुआ।
अभी टीम इस सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि ठीक अगले ही ओवर में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी भी पवेलियन लौट गए। कप्तान शाहिदी, स्पिनर महेंदी हसन मिराज की घूमती फिरकी को भांपने में नाकाम रहे और स्टंप आउट हो गए। महज 139 रन के कुल योग पर चार प्रमुख विकेट गंवाकर अफगानिस्तान की टीम एक बार फिर गहरे संकट में नजर आने लगी।
रहमत शाह और इकराम अलीखिल की अटूट साझेदारी
चार विकेट गिरने के बाद मैदान पर आए विकेटकीपर बल्लेबाज इकराम अलीखिल ने रहमत शाह के साथ मिलकर पारी को दोबारा संवारना शुरू किया। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों के आक्रमण को निष्प्रभावी कर दिया। दिन का खेल खत्म होने तक इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 72 रनों की साझेदारी कर ली है।
रहमत शाह 84 रन बनाकर नाबाद हैं और तीसरे दिन उन पर अपनी टीम को बढ़त दिलाने की अहम जिम्मेदारी होगी। स्टंप्स तक अफगानिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 211 रन रहा और टीम अब बांग्लादेश की पहली पारी से 135 रन पीछे है। तीसरे दिन का पहला सत्र इस एकमात्र टेस्ट मैच के रुख को तय करने में निर्णायक साबित हो सकता है।



















