देश के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड की दस्तक के साथ ताजा हिमपात हुआ है, वहीं दक्षिणी प्रायद्वीप और पूर्वी भारत के विस्तृत क्षेत्रों में बादलों का पहरा गहराता जा रहा है। रविवार को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा के आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही मैदानी और तटीय इलाकों, विशेषकर ओडिशा, झारखंड और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अच्छी वर्षा दर्ज किए जाने का अनुमान जताया गया है।
प्रायद्वीपीय भारत में आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी
दक्षिणी राज्यों में वायुमंडलीय हलचल काफी तेज हो चुकी है। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप के विस्तृत भूभाग में गरज चमक के साथ तेज बारिश, वज्रपात और झोंकेदार हवाओं को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की गंभीर आशंका बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों ने इस संपूर्ण तटीय पट्टी पर 11 से 14 अक्टूबर के दौरान निरंतर वर्षा का दौर जारी रहने का आकलन किया है।
पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में मौसमी दबाव का असर
केवल दक्षिण ही नहीं, बल्कि पूर्वी और पश्चिमी राज्यों में भी मौसमी उतार-चढ़ाव साफ दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी राजस्थान के विस्तृत क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आंधी-तूफान के समान हालात बनने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा क्षेत्र में सतह के करीब तेज रफ्तार हवाओं का प्रकोप रह सकता है। इसके अलावा कर्नाटक के विभिन्न भागों में आगामी दिनों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
मध्य और पूर्वी राज्यों में वर्षा का विस्तृत कार्यक्रम
पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बादलों के बरसने का क्रम बना रहेगा। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर के दौरान पानी गिरने की संभावना है, जबकि बिहार में 11 अक्टूबर के उपरांत 15 और 16 अक्टूबर को पुनः बादलों की सक्रियता बढ़ेगी। ओडिशा में मौसम का यह दौर 11 से 16 अक्टूबर तक खिंच सकता है। आने वाले समय में ओडिशा, झारखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में तीव्र गर्जना, बिजली गिरने और तेज वायु प्रवाह के साथ मौसमी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में बादलों का डेरा
पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 16 अक्टूबर तक बादलों के गरजने, आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 11 अक्टूबर और उसके बाद 15 तथा 16 अक्टूबर को छिटपुट स्थानों पर पानी बरस सकता है। असम और मेघालय में 11 अक्टूबर के अतिरिक्त 13 से 16 अक्टूबर के मध्य बारिश की परिस्थितियां बनी रहेंगी, जिससे समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्द्रता और ठंडक का असर बढ़ जाएगा।





















