इंडियन प्रीमियर लीग के 2027 सत्र से ठीक पहले टीमों के रणनीतिक फेरबदल के तहत एक बड़ा खिलाड़ी सौदा देखने को मिला है. तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देने के इरादे से सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने पुराने भरोसेमंद गेंदबाज टी नटराजन को अपने पाले में वापस खींच लिया है. दोनों फ्रेंचाइजियों के बीच आपसी सहमति से हुए इस विनिमय समझौते में युवा लेग स्पिन गेंदबाज जीशान अंसारी अब दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में शामिल होंगे.
अनुबंध राशि में बदलाव और सौदे के वित्तीय पहलू
इस अदला-बदली से जुड़े वित्तीय विवरण बताते हैं कि खिलाड़ियों के अनुबंध मूल्य में परिस्थितियों के अनुसार फेरबदल किया गया है. दिल्ली कैपिटल्स ने साल 2025 में हुई बड़ी नीलामी के दौरान टी नटराजन को हासिल करने के लिए 10.75 करोड़ रुपये की भारी रकम खर्च की थी. हालांकि, दिल्ली के साथ उनका दो साल का सफर सीमित रहा. इन दो सत्रों के दौरान वह कुल मिलाकर केवल 12 मुकाबलों में मैदान पर उतर सके, जिनमें उन्हें महज पांच सफलताएं मिलीं.
मैदान पर गेंदबाजी के आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप न रहने और दोनों टीमों की नई प्राथमिकताओं के बीच नटराजन की फिर से हैदराबाद रवानगी तय हुई. हैदराबाद प्रबंधन ने उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के साथ ही उनके वेतन ढांचे में संशोधन किया है, जिसके तहत वह अब 5 करोड़ रुपये के बदले खेलेंगे. इसके उलट, 26 वर्षीय लेग स्पिनर जीशान अंसारी की अनुबंधित राशि में कोई फेरबदल नहीं किया गया है. वह दिल्ली कैपिटल्स के साथ भी अपने पिछले 40 लाख रुपये के अनुबंध मूल्य पर ही जुड़े रहेंगे.
हैदराबाद के साथ नटराजन का पुराना दौर और आंकड़े
टी नटराजन के करियर का सबसे सुनहरा वक्त सनराइजर्स हैदराबाद की नारंगी जर्सी में ही गुजरा है. साल 2020 से लेकर 2024 तक वह लगातार इस टीम के मुख्य तेज गेंदबाजों में शुमार रहे और अंतिम ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर गेंदों के लिए पहचाने गए. साल 2024 का टूर्नामेंट उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से सबसे यादगार साबित हुआ था, जिसमें उन्होंने कुल 19 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर फ्रेंचाइजी के सबसे सफल गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया था. उस खास सत्र में उनके इस धारदार प्रदर्शन ने टीम को खिताबी मुकाबले तक ले जाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
अगर पूरे लीग इतिहास में इस बाएं हाथ के गेंदबाज के योगदान पर नजर डाली जाए, तो उन्होंने अब तक कुल 73 मुकाबले खेले हैं. इन मुकाबलों में उन्होंने 32.97 के गेंदबाजी औसत और 9.21 की प्रति ओवर इकॉनमी दर के साथ कुल 72 विकेट अपने खाते में दर्ज किए हैं. नई गेंद से शुरुआती ओवर निकालना और डेथ ओवरों में बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकना उनकी गेंदबाजी की प्रमुख पहचान रही है.
चोटों के साए से उबरकर मैदान पर लौटने का लंबा संघर्ष
तमिलनाडु से आने वाले इस तेज गेंदबाज का टूर्नामेंट में सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा और जीवटता से परिपूर्ण रहा है. उन्होंने साल 2017 में पंजाब फ्रेंचाइजी की ओर से खेलते हुए इस बड़े मंच पर पहली बार कदम रखा था. अगले साल 2018 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने 40 लाख रुपये में उन पर भरोसा जताया, लेकिन उसी दौरान लगी गंभीर चोट ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया और वह उस पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए.
टीम प्रबंधन ने अगले साल भी उन्हें अपने दल में बनाए रखा, लेकिन फिटनेस और संयोजन के चलते उन्हें 2019 में एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला. फ्रेंचाइजी ने उनके हुनर पर भरोसा बनाए रखा और साल 2022 की मेगा नीलामी में हैदराबाद ने 4 करोड़ रुपये खर्च करके उन्हें दोबारा साइन किया, जिसके बाद उन्होंने टीम के भरोसे को सही साबित करते हुए मैदान पर जोरदार वापसी की.
युवा लेग स्पिनर जीशान अंसारी के सामने नया मंच
इस अदला-बदली से उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली लेग स्पिनर जीशान अंसारी के करियर को भी एक नया मोड़ मिला है. 26 वर्षीय इस स्पिनर ने साल 2025 में पहली बार सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलकर अपना पदार्पण किया था. अपने पहले ही टूर्नामेंट में उन्हें 10 मैचों में खेलने का मौका मिला, जहां उन्होंने 6 विकेट हासिल किए थे. खास बात यह रही कि अपने पहले मैच में ही उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को आउट करके सनसनी मचा दी थी.
उनके इसी हुनर को भांपते हुए सनराइजर्स ने उन्हें 2026 के सत्र से पहले अपने साथ रिटेन भी किया था, यद्यपि संयोजन के समीकरणों के चलते उस सत्र के दौरान उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी थी. अब दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ने पर उन्हें अपनी कलाई की जादूगरी दिखाने का एक और नया अवसर हासिल होगा.



















