पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टॉस जीता और भारत के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारत और पाकिस्तान के बीच यह भिड़ंत महिला एशिया कप के ग्रुप-ए चरण का हिस्सा है और टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में गिनी जा रही है. पारी की शुरुआत करने मुनीबा अली और शावाल जुल्फिकार मैदान में उतरीं, जबकि भारतीय गेंदबाज पहली सफलता के लिए बेताब नजर आए. दोनों कप्तानों ने अपनी-अपनी पिछली प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव न करते हुए भरोसा जताया कि जो संयोजन अब तक कामयाब रहा है, वही आगे भी काम आएगा.
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन जस की तस
पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन में विकेटकीपर मुनीबा अली के साथ शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, कप्तान फातिमा सना, उम्म-ए-हानी, एयमान फातिमा, तूबा हसन, नाशरा संधू और सादिया इकबाल मैदान में हैं. टीम के बड़े दस्ते में सायरा जबीन, मोमिना रियासत, इमान नसीर और वहीदा अख्तर भी शामिल हैं, लेकिन टॉस वाले दिन शुरुआती ग्यारह में कोई फेरबदल नहीं किया गया, जिससे साफ है कि पाकिस्तान का थिंक टैंक अपने मौजूदा संयोजन से संतुष्ट है.
भारत की ओर से स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, प्रतिका रावल, कप्तान हरमनप्रीत कौर, भारती फुलमाली, विकेटकीपर ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, नंदनी शर्मा, श्री चरणी और क्रांति गौड़ मैदान पर उतरी हैं. दस्ते में मौजूद गुनालन कमलिनी, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी और राधा यादव को इस बार भी बाहर बैठना पड़ा, क्योंकि टीम प्रबंधन ने विजयी संयोजन के साथ बने रहना ही बेहतर समझा.
अंक तालिका में भारत सबसे आगे, पाकिस्तान के पास एक जीत
टूर्नामेंट में अब तक दो मैच खेल चुकी भारतीय टीम चार अंकों और शानदार +5.775 के नेट रन रेट के साथ ग्रुप-ए की तालिका में शीर्ष पर काबिज है. दूसरी ओर पाकिस्तान ने अब तक सिर्फ एक मुकाबला खेला है, जिसे जीतकर उसके खाते में दो अंक और +1.750 का नेट रन रेट दर्ज हुआ है. नतीजों और रन रेट का यह फर्क टॉस से पहले ही भारत की मजबूत स्थिति साफ बयां कर रहा था और यही वजह है कि भारतीय टीम इस मुकाबले में भी प्रबल दावेदार मानी जा रही है.
आमने-सामने के रिकॉर्ड में भी भारत भारी
भारत की बढ़त सिर्फ मौजूदा टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्षों पुरानी कहानी है. दोनों देशों के बीच अब तक हुए 17 महिला टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में से भारत ने 14 बार जीत का स्वाद चखा है. इसमें 2026 महिला टी20 विश्व कप का पिछला मुकाबला भी शामिल है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को 64 रनों के बड़े अंतर से मात दी थी. यानी पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सिर्फ मौजूदा फॉर्म ही नहीं, बल्कि बरसों पुराने मनोवैज्ञानिक दबाव को तोड़ने की भी परीक्षा है.
मंधाना की फॉर्म बनी सबसे बड़ी चर्चा
मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा बातें उप-कप्तान स्मृति मंधाना की धमाकेदार फॉर्म को लेकर हो रही थीं. पिछले मैच में हांगकांग के खिलाफ उन्होंने 64 गेंदों में 124 रन की पारी खेली, जिसके दम पर डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने 137 रनों से बड़ी जीत दर्ज की थी. इससे पहले भारत ने अपने अभियान की शुरुआत थाईलैंड को 94 रनों से हराकर की थी. यानी टीम लगातार दो बड़ी जीत के साथ जबरदस्त लय में मैदान में उतरी है, और मंधाना की बल्लेबाजी विपक्षी गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है.
पाकिस्तान का सहारा बनेगा स्पिन आक्रमण
भारत की लय पर लगाम लगाने के लिए पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद उसके स्पिनरों पर टिकी है. दुबई की पिच पारंपरिक रूप से धीमी गेंदबाजों की मददगार मानी जाती रही है, इसलिए सादिया इकबाल और नाशरा संधू की भूमिका आज के मुकाबले में खासी अहम होने वाली है. थाईलैंड के खिलाफ पिछले मैच में सादिया इकबाल ने केवल 11 रन खर्च कर तीन विकेट अपने नाम किए थे, और अगर वह आज भी वैसी ही लय दोहरा पाईं, तो पाकिस्तान के लिए भारत की मजबूत बल्लेबाजी को रोकना कहीं आसान हो सकता है.
भारत टूर्नामेंट में अब तक अजेय है और पाकिस्तान बड़े उलटफेर की उम्मीद लेकर मैदान में उतरी है, इसलिए दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का यह मुकाबला शुरुआत से ही टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैचों में गिना जा रहा था. अब टॉस हारने के बाद भारतीय टीम के सामने चुनौती यह है कि वह पाकिस्तान को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोके और अपनी अजेय बढ़त को आगे भी बरकरार रखे.



















