महिला टी20 एशियाई कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आए और इसी मैदान पर उतरते ही भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम एक नया कीर्तिमान दर्ज हो गया। वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 150 मैचों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गईं, यह उपलब्धि पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर अब तक किसी और खिलाड़ी के नाम दर्ज नहीं थी।
टॉस हारने के बावजूद कप्तान का नजरिया साफ
इस बड़े मैच में हरमनप्रीत कौर टॉस नहीं जीत सकीं। पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने सिक्का अपने पक्ष में करते हुए पहले बल्लेबाजी चुनी। टॉस के मौके पर हरमनप्रीत ने अपने 150वें मैच में कप्तानी को शानदार पड़ाव बताया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि आंकड़ों से कहीं ज्यादा जरूरी मैदान पर खेल का आनंद लेना होता है। उन्होंने अपनी रणनीति भी साफ कर दी, गेंदबाजों से उम्मीद जताई कि वे पाकिस्तान को जितना संभव हो उतने कम रन पर रोकें, जिससे बाद में बल्लेबाजी करते समय टीम पर किसी तरह का बोझ न रहे। इसके अलावा उन्होंने यह भी बता दिया कि इस अहम भिड़ंत के लिए भारतीय प्लेइंग इलेवन में किसी तरह की अदला-बदली नहीं की गई है, यानी टीम प्रबंधन को मौजूदा संयोजन पर पूरा भरोसा है।
2012 से शुरू हुआ कप्तानी का सफर, अब 87 जीत का आंकड़ा
हरमनप्रीत कौर ने साल 2012 में पहली बार भारतीय महिला टीम की टी20 कमान संभाली थी और उसके बाद से यह जिम्मेदारी लगातार उन्हीं के कंधों पर रही है। करीब डेढ़ दशक के इस सफर में उन्होंने टीम को कई उतार-चढ़ाव से गुजारा और अब पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच के टॉस तक पहुंचते-पहुंचते उनका कप्तानी आंकड़ा 150 मैचों तक जा पहुंचा। इससे पहले तक खेले गए 149 मुकाबलों में उनकी अगुआई में भारत ने 87 मैच जीते हैं, जबकि 57 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा 5 मैच किसी नतीजे तक पहुंचे बिना ही रद्द हो गए। यह जीत-हार का अनुपात दिखाता है कि हरमनप्रीत की अगुआई में टीम इंडिया ज्यादातर मौकों पर मजबूत स्थिति में रही है।
महिला टी20 में सबसे ज्यादा कप्तानी करने वालों की सूची में हरमनप्रीत सबसे आगे
महिला टी20 इंटरनेशनल में सबसे अधिक मैचों में कप्तानी करने वाली खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत कौर अब सबसे ऊपर पहुंच चुकी हैं। श्रीलंका की चमारी अटापट्टू 121 मैचों की कप्तानी के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रवांडा की मैरी बिमेन्यिमाना ने 101 मैचों में टीम की अगुआई की है और वह तीसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग ने 100 मैचों में कप्तानी करके चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि थाईलैंड की नारुएमोल चायवाई 98 मैचों के साथ पांचवें पायदान पर काबिज हैं। इस सूची से साफ पता चलता है कि हरमनप्रीत का यह आंकड़ा अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी से भी करीब 28 मैच आगे है, जो उनकी निरंतरता और टीम में उनके भरोसे को दर्शाता है।
क्यों खास है यह उपलब्धि
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार बदलते खिलाड़ियों और कप्तानों के दौर में किसी एक कप्तान का 150 टी20 मैचों तक टिके रहना अपने आप में बड़ी बात मानी जाती है, क्योंकि इसके लिए न सिर्फ फॉर्म और फिटनेस बनाए रखनी पड़ती है, बल्कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों का भरोसा भी लगातार जीतना पड़ता है। हरमनप्रीत कौर ने यह उपलब्धि ऐसे दौर में हासिल की है जब महिला क्रिकेट दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और हर बड़े टूर्नामेंट पर नजरें टिकी रहती हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान के खिलाफ इस मुकाबले के टॉस को अब सिर्फ एक और मैच की शुरुआत नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास के एक नए अध्याय के तौर पर याद रखा जाएगा।



















