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टेस्ट कैप के लिए वैभव सूर्यवंशी को अभी और इंतजार, चयनकर्ताओं ने बताई ये वजहक्रिकेट
5 सित॰ 2026, 8:56 pm (52 दिन पहले)· 4

टेस्ट कैप के लिए वैभव सूर्यवंशी को अभी और इंतजार, चयनकर्ताओं ने बताई ये वजह

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और हैदराबाद के तिलक वर्मा को अभी भारत की लाल गेंद यानी टेस्ट योजनाओं में शामिल नहीं किया गया है, जिसकी वजह उनका सीमित फर्स्ट-क्लास अनुभव बताया जा रहा है.

आईपीएल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में जगह पाने के लिए अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा. पीटीआई की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इस युवा खिलाड़ी को फिलहाल भारतीय टीम की लाल गेंद यानी टेस्ट योजनाओं में शामिल नहीं किया गया है.

तिलक वर्मा भी फिलहाल सूची से बाहर

अकेले वैभव ही नहीं, हैदराबाद के ऑलराउंडर तिलक वर्मा का नाम भी इस समय राष्ट्रीय टेस्ट योजना का हिस्सा नहीं है. क्रिकेट जगत के जानकारों के अनुसार यह फैसला किसी को चौंकाता नहीं है, क्योंकि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की मांग बिल्कुल अलग होती है और चयनकर्ता इसमें कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहते.

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महज 10 फर्स्ट-क्लास मैचों का अनुभव

वैभव के करियर आंकड़े देखें तो उन्होंने अब तक केवल 10 फर्स्ट-क्लास मुकाबले खेले हैं, इसके अलावा अंडर-19 स्तर पर कुछ रेड-बॉल मैचों में उन्होंने हाथ आजमाया है. यह अनुभव टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और मानसिक रूप से थका देने वाले प्रारूप के लिहाज से अभी शुरुआती दौर का ही माना जा रहा है. हाल में दुलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 92 और 40 रन की पारियां खेलकर अपनी काबिलियत की झलक जरूर दिखाई, लेकिन चयनकर्ता किसी एक या दो अच्छी पारियों के आधार पर फैसला लेने के मूड में नहीं हैं. उन्हें वैभव से घरेलू सर्किट में लगातार बड़े स्कोर चाहिए, तभी वह टेस्ट टीम के दरवाजे तक पहुंच पाएंगे.

दुलीप ट्रॉफी फाइनल बनेगा बड़ी परीक्षा

वैभव के पास खुद को साबित करने का अगला बड़ा मंच दुलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला है, जिसमें उनकी टीम का सामना साउथ जोन से होगा. अगर वह इस फाइनल में बड़ी पारी खेलने में कामयाब रहते हैं, तो निश्चित तौर पर चयन समिति की नजरें उन पर टिक जाएंगी और उनके टेस्ट दावे को नई मजबूती मिलेगी.

राहुल द्रविड़ ने जताया भरोसा, दोनों प्रारूपों में तालमेल जरूरी

पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ हाल ही में वैभव के टेस्ट भविष्य को लेकर अपनी राय रख चुके हैं. द्रविड़ की सोच यह है कि आईपीएल जैसे टी20 टूर्नामेंट में दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव वैभव के खेल को निखार रहा है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि वह घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में भी लगातार खेलें, ताकि उनकी तकनीक और धैर्य मजबूत हो सके. उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट को जिंदा रखने के लिए वैभव जैसे बहुमुखी युवा खिलाड़ियों का तीनों फॉर्मेट में मजबूत होना बेहद जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर भारत का तीनों तरह के क्रिकेट में प्रतिनिधित्व कर सकें.

बल्लेबाजी क्रम पर अभी सस्पेंस बरकरार

फिलहाल वैभव सलामी बल्लेबाज के तौर पर मैदान में उतरते हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में जो आक्रामकता और स्ट्राइक रेट दिखता है, उसे देखते हुए कई विशेषज्ञों की राय है कि आने वाले समय में उन्हें मध्यक्रम में भी परखा जा सकता है, जहां वह मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं. उनका सही बल्लेबाजी क्रम आने वाले वक्त में उनके प्रदर्शन के साथ ही साफ होगा.

राहुल के बाद टीम इंडिया की नई सलामी जोड़ी?

अगर वैभव आगे भी सलामी बल्लेबाज के तौर पर ही खुद को स्थापित रखते हैं, तो भारतीय टीम का भविष्य का समीकरण बेहद दिलचस्प हो सकता है. फिलहाल टीम इंडिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज केएल राहुल 34 वर्ष के हो चुके हैं, ऐसे में आने वाले वर्षों में टेस्ट टीम को शीर्ष क्रम में एक नए, ऊर्जावान चेहरे की जरूरत पड़ेगी. अगर वैभव अपनी फॉर्म और फिटनेस बरकरार रखते हैं, तो भविष्य में वह यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर भारतीय टेस्ट टीम की एक नई और आक्रामक सलामी जोड़ी बना सकते हैं, जो किसी भी विरोधी गेंदबाजी आक्रमण पर भारी पड़ने का दम रखेगी.

सवाल-जवाब

क्या वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट टीम में जगह मिली है?
नहीं, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल उन्हें भारत की टेस्ट यानी लाल गेंद की योजनाओं में शामिल नहीं किया गया है.
तिलक वर्मा का इससे क्या संबंध है?
हैदराबाद के ऑलराउंडर तिलक वर्मा भी फिलहाल वैभव की तरह ही टेस्ट योजनाओं से बाहर हैं.
वैभव ने अब तक कितने फर्स्ट-क्लास मैच खेले हैं?
उन्होंने अब तक केवल 10 फर्स्ट-क्लास मुकाबले खेले हैं.
दुलीप ट्रॉफी में वैभव का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा?
सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने 92 और 40 रन की पारियां खेलीं.
उनके पास अगला बड़ा मौका कौन सा है?
दुलीप ट्रॉफी का फाइनल, जिसमें उनकी टीम का सामना साउथ जोन से होगा.
राहुल द्रविड़ ने वैभव के बारे में क्या कहा है?
द्रविड़ का मानना है कि वैभव को आईपीएल के साथ-साथ घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में भी लगातार खेलना जरूरी है ताकि वह तीनों फॉर्मेट में मजबूत बन सकें.
क्या वैभव भविष्य में मध्यक्रम में खेल सकते हैं?
कुछ जानकारों का मानना है कि उनकी आक्रामक शैली को देखते हुए भविष्य में उन्हें मध्यक्रम में भी आजमाया जा सकता है.
केएल राहुल का इस खबर से क्या लेना-देना है?
केएल राहुल फिलहाल 34 वर्ष के हैं, इसलिए आने वाले वर्षों में टीम इंडिया को नए सलामी बल्लेबाज की जरूरत होगी, जहां वैभव का नाम चर्चा में है.
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