ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने से बाल-बाल चूक गए। ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे इस फाइनल में वह अर्धशतक से सिर्फ 6 रन दूर थे, तभी एक बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। वैभव आखिरकार 44 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
अर्धशतक के साथ ही उनके नाम दर्ज हो जाता रिकॉर्ड
अगर वैभव अपनी पारी में सिर्फ 6 रन और जोड़ लेते तो वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते। यह एक ऐसी उपलब्धि होती जो उन्हें घरेलू क्रिकेट के इतिहास में खास जगह दिला देती। लेकिन जल्दबाजी में खेला गया एक शॉट उन्हें यह मौका दोबारा नहीं दिखा सका, और यह रिकॉर्ड उनके हाथ से फिसल गया।
चामा वी मिलिंद की गेंद पर हुए आउट
पारी के 15वें ओवर में गेंदबाज चामा वी मिलिंद ने वैभव का विकेट झटका। ओवर की चौथी गेंद शॉर्ट ऑफ लेंथ फेंकी गई थी, जिस पर वैभव ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद की उछाल का सही अंदाजा नहीं लगा पाए। बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर गेंद मिड विकेट के ऊपर से होते हुए काफी ऊंचाई तक हवा में चली गई। डीप स्क्वायर लेग से दौड़ते हुए साउथ जोन के सब्स्टीट्यूट फील्डर त्यागराजन ने कोई चूक नहीं की और एक शानदार कैच लपक लिया।
37 गेंदों में सजाई आक्रामक पारी
वैभव ने अपनी 37 गेंदों की पारी में 5 चौके और 1 छक्का जड़ा। उनकी यह पारी दिखाती है कि वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल जैसे बड़े मंच पर भी बेखौफ होकर बड़े शॉट खेलने का माद्दा रखते हैं, भले ही इस बार यही आक्रामकता उन्हें एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड से पहले ही पवेलियन वापस ले गई हो। युवा बल्लेबाज के लिए यह पारी आगे के मैचों में सुधार के साथ आगे बढ़ने का सबक भी बन सकती है।


















