पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह पदभार ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। नई कमान हाथ में आने के बाद उन्होंने पार्टी हाईकमान के प्रति आभार व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि यह दायित्व उनके लिए महज कोई कुर्सी या पद संभालना नहीं है, बल्कि पंजाब और उसके नागरिकों के प्रति उनके समर्पण तथा जिम्मेदारियों का विस्तार है।
राजा वड़िंग के स्थान पर नई संगठनात्मक जिम्मेदारी
61 वर्षीय परगट सिंह वर्तमान में जालंधर कैंट से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के स्थान पर प्रदेश इकाई का नया मुखिया नियुक्त किया है। राजा वड़िंग चार साल से अधिक समय तक पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राज्य इकाई में लंबे समय से चली आ रही आंतरिक खींचतान और गुटीय गतिविधियों के बीच नेतृत्व परिवर्तन का यह अहम फैसला लिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व को यह भरोसा है कि नए अध्यक्ष के अनुभव और नेतृत्व कौशल से पार्टी कार्यकर्ताओं तथा नेताओं के बीच तालमेल बेहतर होगा, जिससे आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी तैयारियों को जरूरी मजबूती मिलेगी।
हॉकी के मैदान से सियासी गलियारों तक का सफर
खेल जगत में अपनी खास पहचान बनाने वाले परगट सिंह ने 1992 और 1996 के ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और वह राष्ट्रीय हॉकी टीम के कप्तान भी रहे। खेल के मैदान से निकलकर उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल के साथ की थी। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। वह पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी प्रशासनिक कामकाज संभाल चुके हैं। राजनीतिक अनुभव और खेल की अनुशासित पृष्ठभूमि के बल पर अब वह संगठन को नई दिशा देने की कोशिश में जुटे हैं।
जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता और सरकार पर सवाल
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद सभा को संबोधित करते हुए परगट सिंह ने रेखांकित किया कि राजनीति का सबसे बुनियादी कर्तव्य यह समझना है कि राज्य की जनता असल में क्या चाहती है और उनकी वास्तविक समस्याएं क्या हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों और प्रदेश की भलाई को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सकारात्मक राजनीति के मॉडल की वकालत करते हुए उन्होंने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता विभाजनकारी और नफरत भरी राजनीति को बिल्कुल पसंद नहीं करती है। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस सकारात्मक एजेंडे के साथ जनता के बीच जाएगी।
विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का एकजुटता का संदेश
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद रहे। उन्होंने परगट सिंह को शुभकामनाएं देते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा प्रहार किया और जनता से राज्य को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ लामबंद होने का आह्वान किया। चन्नी ने कहा कि पंजाब, पंजाबियत, किसानों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों के अधिकारों तथा हितों की सुरक्षा के लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा।
इसी कार्यक्रम में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि प्रदेश की जनता एक ऐसे नए शासन और विकल्प की राह देख रही है, जो उनके दैनिक जीवन, व्यापार और परिजनों की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित कर सके। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल की सराहना करते हुए याद दिलाया कि उन्होंने चार साल से अधिक समय तक संगठन का नेतृत्व किया। इस मौके पर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और सुखपाल सिंह खैरा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विधायक मौजूद रहे।
2027 के विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक चुनौतियां
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह के सामने पार्टी के सभी अलग-अलग धड़ों को एक मंच पर साथ लेकर चलने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी। उन्हें 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना है। अपनी नियुक्ति के समय परगट सिंह ने पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी के दावों को खारिज किया था और कहा था कि एक पूर्व हॉकी खिलाड़ी होने के नाते टीम भावना के साथ काम करना उनकी आदत है और वह सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।



















