फारबिसगंज अनुमंडल के सिमराहा थाना इलाके में एक नवविवाहिता का शव दफनाए जाने के तीन रोज बाद प्रशासन ने जमीन खुदवाकर बाहर निकाला। मुसहरी पंचायत के वार्ड संख्या 09 स्थित ऋषिदेव टोला में हुई इस रहस्यमयी मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मायके वालों का सीधा आरोप है कि ससुराल के लोगों ने दहेज के लालच में उनकी बेटी का कत्ल कर दिया और गुनाह पर पर्दा डालने के लिए आनन-फानन में मिट्टी में दबा दिया। कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में जब कब्र की खुदाई कर पार्थिव देह को बाहर लाया गया, तब वहां ग्रामीणों का भारी मजमा जुट गया था।
प्रेम प्रसंग के बाद रजामंदी से बंधा था परिणय सूत्र
जांच में जुटी पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान राजमणि देवी के तौर पर हुई है, जिनके पिता रामचंद्र ऋषिदेव नरपतगंज प्रखंड के तीन मील, भंगही पंचायत के बाशिंदे हैं। राजमणि का विवाह तकरीबन एक साल पहले मुसहरी पंचायत के शिवशंकर ऋषिदेव से हुआ था। दोनों के बीच शुरुआत में प्रेम प्रसंग चला था, जिसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से पूरे रीति-रिवाज के साथ उनकी शादी संपन्न कराई गई थी। हालांकि शादी के एक बरस बीतते ही इस रिश्ते का ऐसा दुखद अंत सामने आया।
पंजाब रवानगी की तैयारी और सुबह मिली खौफनाक खबर
मृतका के भाई विपिन ऋषिदेव ने थाने में दिए पत्र में उस रात की पूरी दास्तान बयां की है। विपिन अपने बहनोई शिवशंकर के साथ मजदूरी करने पंजाब जाने की योजना बना रहा था और इसी सिलसिले में वह अपनी बहन की ससुराल पहुंचा हुआ था। रात में पूरे परिवार ने सामान्य माहौल में भोजन किया और सब अपनी-अपनी जगह सोने चले गए। अगली सुबह जब विपिन सोकर उठा, तो कमरे में उसकी बहन बेजान पड़ी हुई थी। इस बीच राजमणि की बड़ी बहन ने गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में दोपहिया वाहन की मांग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल न मिलने के कारण राजमणि को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और आखिरकार उसकी जान लेकर शव को दफन कर दिया गया।
प्रशासनिक अमले की तैनाती और सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए फारबिसगंज के डीएसपी राजकिशोर कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। डीएसपी राजकिशोर कुमार ने कहा, "परिजनों के आवेदन के आधार पर शव को कब्र से निकलवाया गया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी कसूरवार साबित होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कब्र से पार्थिव शरीर को बाहर निकालने की पूरी कवायद के दौरान सिमराहा थाने के अपर प्रभारी संतोष कुमार के साथ पुलिसकर्मी मनोज कुमार, सरमिल, शिव कुमार पासवान, राज कुमार और कमलाकांत शर्मा मौके पर मुस्तैद रहे। पुलिस अफसरों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


















