वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में स्विस मुद्रा को लेकर हलचल तेज हो गई है, जब स्विट्जरलैंड की वार्षिक मुद्रास्फीति 1.5 प्रतिशत दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित आंकड़े के सामने आते ही यूरो के मुकाबले स्विस फ्रैंक यानी EUR/CHF में तेज गिरावट दर्ज की गई। मुद्रास्फीति का यह स्तर उन अनुमानों पर सवाल खड़े करता है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि स्विस नेशनल बैंक पूरे 2027 के दौरान मौद्रिक सख्ती से बचने में सफल रहेगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्विस नेशनल बैंक द्वारा 2023 में विदेशी मुद्रा बेचकर फ्रैंक को मजबूत करने की जो रणनीति अपनाई गई थी, वैसी ही स्थिति फिर से दोहराई जा सकती है। इससे आने वाले महीनों में स्विस फ्रैंक के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने और EUR/CHF के मौजूदा पूर्वानुमानों पर नीचे की ओर दबाव बनने के पूरे आसार हैं। इस मौद्रिक नीति परिदृश्य पर स्विस नेशनल बैंक के मार्टिन श्लेगल के एक सम्मेलन में संबोधन से और अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर पर भारी दबाव
दूसरी तरफ, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों ने वॉशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की आशंका को गहरा दिया है, जिसका सीधा असर अमेरिकी मुद्रा पर पड़ा है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत के संकेतों से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। राजनीतिक खींचतान की आशंका से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया है, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई। बॉन्ड यील्ड में आई इस कमी ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी संभावनाओं के असर को बेअसर कर दिया और डॉलर पर चौतरफा बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया।
येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की विदेशी मुद्रा बाजार में चाल
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान जापानी मुद्रा के सामने अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ता दिखा। USD/JPY भारी बिकवाली के चलते 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे लुढ़क गया। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी मध्यावधि वोटों की गिनती के बाद पैदा हुई राजनीतिक अनिश्चितता और सुरक्षित संपत्तियों में बढ़ा पूंजी प्रवाह रहा। वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलते हुए एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास स्थिर कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा तो दिया, लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के कम आक्रामक रुख ने इसकी बढ़त को एक सीमित दायरे में बांध दिया।
सोने में उछाल और आगामी अमेरिकी रोजगार आंकड़े
डॉलर के कमजोर पड़ने और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण सर्राफा बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला है। शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर बना रहा और साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब मजबूती से टिका रहा। वॉशिंगटन में संभावित विधायी गतिरोध और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर बने दबाव ने सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की मांग को काफी मजबूत किया है। इस बीच, आर्थिक मोर्चे पर सभी की निगाहें ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा बुधवार को जारी होने वाली निजी क्षेत्र की रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। बाजार का आम अनुमान है कि नई नौकरियों के सृजन में नरमी आएगी और अक्टूबर में निजी क्षेत्र में 69 हजार नए रोजगार जुड़ने की संभावना है, जो कि सितंबर के 90 हजार के आंकड़े से कम है।

















