एशियन गेम्स 2026 के मेंस हॉकी इवेंट में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के विरुद्ध अपने सेमीफाइनल मैच में आक्रामक रुख अपनाते हुए शुरुआती क्वार्टर में ही 1-0 की अहम बढ़त बना ली है। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच यह मुकाबला फाइनल का टिकट हासिल करने और स्वर्ण पदक के दांव को पुख्ता करने के उद्देश्य से खेला जा रहा है। खेल के शुरुआती पलों से ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैदानी पकड़ मजबूत बनाए रखी और मिले पेनल्टी अवसर को गोल में तब्दील कर अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही भारतीय टीम के फॉर्म को देखते हुए विपक्षी खेमे के लिए वापसी की राह काफी कठिन मानी जा रही है।
हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में पूल-ए में भारत का अजेय अभियान
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को इस टूर्नामेंट के पूल-ए में रखा गया था, जहां टीम ने अपने सभी पांच मुकाबलों में एकतरफा और दबदबे भरा प्रदर्शन किया। भारत ने अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत इंडोनेशिया के विरुद्ध की, जहां 13-1 के विशाल अंतर से जीत दर्ज की गई। इसके बाद श्रीलंका के सामने खेलते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने गोलों की बारिश कर दी और मुकाबला 16-1 से अपने नाम किया। लगातार दो मुकाबलों में शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने मजबूत इरादे साफ जाहिर कर दिए थे।
ग्रुप चरण के तीसरे मैच में भारतीय टीम के सामने साउथ कोरिया की चुनौती थी। इस कड़े मुकाबले में टीम इंडिया ने बेहतरीन रणनीति दिखाते हुए कोरियाई टीम को 8-2 के बड़े अंतर से मात दी। एशियाई खेलों के इतिहास में साउथ कोरिया के खिलाफ भारत की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत साबित हुई। इसके बाद चौथे मैच में भारत ने जापान को 2-0 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया था। पूल स्टेज के अपने पांचवें और अंतिम मैच में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 10-0 के अंतर से धोकर शीर्ष स्थान के साथ अपने ग्रुप अभियान का समापन किया।
पूल-बी में पाकिस्तान का प्रदर्शन और मलेशिया से मिली झटका
दूसरी तरफ सेमीफाइनल में पहुंची पाकिस्तानी टीम को पूल-बी में रखा गया था। उन्होंने भी अपने अभियान की शुरुआत काफी शानदार अंदाज में की थी। पाकिस्तान ने अपने शुरुआती मुकाबलों में थाईलैंड को 9-0 से, उज़्बेकिस्तान को 5-1 से, चीन को 3-0 से और ओमान को 7-2 के स्कोर से पराजित किया था। इन चार जीतों ने उन्हें मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया था, लेकिन ग्रुप चरण का एक मुकाबला उनके लिए निराशाजनक रहा।
मलेशिया के खिलाफ खेले गए रोमांचक मैच में पाकिस्तान को 4-5 के करीबी अंतर से हार झेलनी पड़ी। इस पराजय के चलते पाकिस्तानी टीम अपने पूल में शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गई और दूसरे पायदान पर रही। इसी वजह से सेमीफाइनल में उसका मुकाबला पूल-ए की शीर्ष टीम भारत के साथ तय हुआ। टूर्नामेंट के मौजूदा फॉर्म और पूल मैचों के परिणामों को देखते हुए पाकिस्तानी डिफेंस पर भारतीय फारवर्ड लाइन का दबाव साफ नजर आ रहा है।
एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
एशियाई खेलों के इतिहास में दोनों देशों की पुरुष हॉकी टीमों के आमने-सामने के आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को पाकिस्तान के हाथों कभी भी हार का सामना नहीं करना पड़ा है। इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड और मौजूदा टूर्नामेंट में बिना कोई मैच गंवाए सेमीफाइनल तक पहुंचने का आत्मविश्वास भारतीय टीम के खेल में साफ झलक रहा है, जहां पहले क्वार्टर में पेनल्टी के जरिए मिली 1-0 की बढ़त ने उनके फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।



















