गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने 17 अगस्त को एक यादगार पारी खेलते हुए हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारतीय टीम के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का महज चौथा मुकाबला खेल रहे इस बाएं हाथ के खिलाड़ी ने मुश्किल समय में क्रीज पर उतरकर बेहतरीन शतकीय पारी खेली। उनकी इस शानदार उपलब्धि ने न केवल मेजबान श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला, बल्कि टीम को फॉलोऑन के खतरे से भी पूरी तरह सुरक्षित कर लिया। जब यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी करने उतरी थी, तब श्रीलंका की टीम शुरुआती झटकों के चलते बेहद दबाव में थी और महज 59 के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा चुकी थी।
मैच के तीसरे दिन के अंतिम सत्र में सोनल दिनुशा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए टेस्ट क्रिकेट का अपना पहला शतक पूरा किया। पच्चीस साल के इस बल्लेबाज ने अपनी इस धैर्यपूर्ण पारी के दौरान 168 गेंदों का सामना किया और 100 रन बनाए। उनके इस बेहतरीन शतक में चार चौके और दो गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उन्होंने 167 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया था, लेकिन अगली ही गेंद पर वह अपनी पारी को आगे नहीं बढ़ा सके और आउट हो गए। रवींद्र जडेजा ने उन्हें LBW आउट कर दिया और इस तरह उनकी शानदार पारी का अंत हुआ।
भारत के खिलाफ खास क्लब में एंट्री
सोनल दिनुशा का यह शतक उनके व्यक्तिगत करियर की पहली टेस्ट सेंचुरी होने के साथ-साथ श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास में एक बड़ा मुकाम भी है। इस शतकीय पारी के दम पर वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले श्रीलंका के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। इस विशिष्ट और कुलीन सूची में उनसे पहले देश के कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल रह चुके हैं। इस फेहरिस्त में श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा के अलावा विस्फोटक बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान और अनुभवी खिलाड़ी दिनेश चांदीमल का नाम पहले से दर्ज है।
दिग्गज बल्लेबाज दिनेश चांदीमल ने साल 2015 में भारत के खिलाफ छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 162 रन की शानदार पारी खेली थी, जो इस सूची में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके अलावा तिलकरत्ने दिलशान ने साल 2008 में नाबाद 125 रन बनाए थे, जबकि अर्जुन रणतुंगा ने साल 1985 में 111 रन की पारी खेली थी। अब सोनल दिनुशा ने 100 रन का आंकड़ा छूकर इन महान खिलाड़ियों के खास क्लब में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
फॉलोऑन टालने में निभाई अहम भूमिका
दिनुशा की इस शतकीय पारी का महत्व सिर्फ रिकॉर्ड पुस्तकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मैदान पर श्रीलंका की मैच में वापसी की उम्मीदों को भी जिंदा रखा। पहली पारी में संकट में फंसी श्रीलंकाई टीम को उबारने के लिए उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ कुछ बेहद अहम साझेदारियां कीं। उन्होंने निरोशन डिकवेला के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 146 रन की बहुमूल्य साझेदारी निभाई। उनकी इस साहसिक पारी की बदौलत ही श्रीलंका की टीम फॉलोऑन खेलने के संकट से पूरी तरह बाहर निकलने में कामयाब रही।
तीसरे दिन के खेल की समाप्ति पर श्रीलंका की पहली पारी 284 रनों पर सिमट गई। इसके साथ ही मैच के तीसरे दिन का खेल समाप्त घोषित कर दिया गया। हालांकि श्रीलंका की पारी सिमटने के बावजूद भारतीय टीम के पास अब भी 178 रनों की मजबूत बढ़त बनी हुई है और मैच रोमांचक मोड़ पर है।



















