इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में मेहमान टीम ने विपरीत परिस्थितियों से उबरते हुए शानदार वापसी की है। मैच की शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों का पूरी तरह दबदबा नजर आ रहा था, लेकिन मध्यक्रम में नाथन मैकस्वीनी की धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी ने खेल का रुख पूरी तरह पलट दिया। जब टीम गहरे दबाव में थी, तब उन्होंने एक छोर संभाले रखकर पारी को संभाला और अपना शतक पूरा किया।
शुरुआती दबाव और मैकस्वीनी की संयमित पारी
टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ए की शुरुआत बेहद खराब रही थी। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने मेहमान टीम के शीर्ष बल्लेबाज टिक नहीं सके और महज 85 रन के कुल योग पर 5 प्रमुख विकेट गिर गए थे। इस नाजुक मोड़ पर बल्लेबाजी करने उतरे नाथन मैकस्वीनी ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने गेंदबाजों के मुफीद हालात में जोखिम भरे शॉट्स खेलने से परहेज किया और 118 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए वह 135 गेंदों में 123 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसमें 13 चौके शामिल थे और उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं जड़ा।
कप्तान विल सदरलैंड का आक्रामक साथ और मजबूत स्कोर
मैकस्वीनी को दूसरे छोर से कप्तान विल सदरलैंड का बेहतरीन साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया और अहम साझेदारी निभाई। कप्तान सदरलैंड ने तेजी से रन जुटाते हुए 68 गेंदों पर 77 रनों का योगदान दिया, जिसमें 4 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। इस मजबूत साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए की पूरी टीम 48.2 ओवरों में 274 रन बनाकर सिमटी, जिससे मुकाबला अब बेहद कड़ा हो गया है।



















