नर्मदापुरम के रसूलिया चंदन नगर इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 70 साल के बुजुर्ग की जान चली गई है। मृतक मुख्य सड़क पर अपनी मोटरसाइकिल को गलत दिशा में दौड़ा रहे थे। यह पूरी घटना 20 अगस्त को सुबह करीब 8:30 बजे हुई थी और इसका पूरा घटनाक्रम पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया था। इस भयंकर हादसे के तीन दिन बीत जाने के बाद शनिवार को इसका सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ है, जिसके बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृत शख्स की पहचान रसूलिया के गौतम नगर में रहने वाले मदनलाल वर्मा के रूप में हुई है। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बुजुर्ग ट्रैफिक के आने जाने की सामान्य दिशा के ठीक विपरीत दिशा में अपनी दोपहिया गाड़ी आगे बढ़ा रहे थे, तभी सामने से आ रहे एक भारी वाहन से उनकी जोरदार टक्कर हो गई।
ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए मदनलाल
सामने आए वीडियो फुटेज से यह बात स्पष्ट होती है कि ट्रक रसूलिया ओवरब्रिज की तरफ से गुजर रहा था, तभी मदनलाल वर्मा अचानक उसके रास्ते में आ गए। हादसे से बचने के लिए ट्रक ड्राइवर ने फौरन ब्रेक लगाकर गाड़ी रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसी दौरान वर्मा ने अपनी मोटरसाइकिल को सीधे ट्रक की तरफ मोड़ दिया। इस गलत फैसले के कारण वे और उनकी बाइक भारी-भरकम वाहन के नीचे आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मदनलाल वर्मा बुरी तरह जख्मी हो गए। हादसे के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां के मेडिकल स्टाफ ने उनकी जान बचाने और सेहत स्थिर करने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशें बेकार साबित हुईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत का मुख्य कारण दुर्घटना में लगी गंभीर अंदरूनी चोटें थीं।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
शनिवार को वायरल हुए इस सीसीटीवी फुटेज ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा और यातायात के नियमों के पालन को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। यह दुर्घटना सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाने के जानलेवा खतरों को खुलकर सामने लाती है, जो एक ऐसा आम ट्रैफिक उल्लंघन बनता जा रहा है जिसके कारण आए दिन पूरे देश में अनगिनत बेकसूर लोगों की जान चली जाती है। स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों द्वारा इस दुर्घटना की जांच के सिलसिले में इस फुटेज की गहराई से समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। यह दुखद मामला इस बात पर भी जोर देता है कि यातायात के नियमों के प्रति समाज में अधिक जागरूकता फैलाई जाए, विशेष तौर पर बुजुर्ग नागरिकों के बीच, जिन्हें शायद सड़क सुरक्षा के सटीक नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती या फिर वे अनजाने में उनकी अनदेखी कर बैठते हैं।



















