पाकिस्तान के प्रमुख बल्लेबाज बाबर आजम मैदान पर अपने आक्रामक व्यवहार के कारण एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। घरेलू क्रिकेट में वापसी के दौरान हुई एक अप्रिय घटना ने इंटरनेट और खेल गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभवी खिलाड़ी अपने प्रदर्शन और शांत स्वभाव से युवाओं को प्रेरित करते हैं, वहीं बाबर आजम के इस हालिया बर्ताव ने खेल प्रेमियों और जानकारों को हैरान कर दिया है।
इस्लामाबाद के मैदान में क्या हुआ
इंग्लैंड के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपनी राष्ट्रीय टीम में व्यापक बदलाव और पुनर्गठन की प्रक्रिया चला रहा है। बोर्ड के निर्देशों के तहत अधिकांश सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी फॉर्म और लय तलाशने के लिए भेजा गया है। इसी सिलसिले में बाबर आजम भी इस्लामाबाद के डायमंड क्रिकेट ग्राउंड में प्रेसीडेंट ट्रॉफी का मुकाबला खेलने के लिए उतरे थे।
मुकाबले के दौरान जब एक विकेट गिरा, तो सुरक्षा घेरा तोड़कर कुछ प्रशंसक अचानक खेल के मैदान के भीतर घुस आए। वे खिलाड़ी के करीब जाकर तस्वीरें और सेल्फी खींचने का प्रयास करने लगे। शुरुआत में एक तस्वीर खिंचवाने तक स्थिति सामान्य लग रही थी, लेकिन इसके तुरंत बाद बाबर अपना आपा खो बैठे। उन्होंने एक प्रशंसक को जोर से धक्का दे दिया और दूसरे समर्थक का हाथ से मोबाइल छीनकर पूरी ताकत से दूर फेंक दिया। अचानक हुए इस वाकये से मैदान पर हड़कंप मच गया और बाद में आनन-फानन में वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
प्रशंसकों के गुस्से और ट्रोलिंग का सामना
इस घटना का वीडियो और ब्योरा सामने आते ही सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी बल्लेबाज को जोरदार ट्रोलिंग और आलोचना का शिकार होना पड़ा। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय करियर में कठिन दौर से गुजर रहे खिलाड़ी के लिए इस तरह का हिंसक व्यवहार उनके बचे-खुचे समर्थन को भी नुकसान पहुंचा रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि चाहे दबाव कितना भी अधिक क्यों न हो, एक स्थापित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को किसी भी दर्शक के साथ इस तरह का हिंसक रवैया नहीं अपनाना चाहिए था।
बोर्ड के लचर सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदारी पर सवाल
इस पूरे मामले में गलती केवल एक पक्ष की नहीं दिखती, बल्कि इसमें कई स्तरों पर चूक सामने आई है। मैच के बीच दर्शकों का अनाधिकृत रूप से खेल क्षेत्र में घुसना सरासर गलत और नियमों का उल्लंघन था। इसके बाद खिलाड़ी का नियंत्रण खोकर धक्का-मुक्की करना और निजी उपकरण को फेंककर तोड़ना उससे भी बड़ी भूल साबित हुआ।
हालांकि, इन सबके बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रशासनिक और सुरक्षा बंदोबस्त पर सबसे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जब बोर्ड को पहले से जानकारी थी कि इस घरेलू टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम के प्रमुख और हाई-प्रोफाइल सितारे शिरकत कर रहे हैं, तो मैदान पर मानक सुरक्षा घेरा क्यों नहीं तैयार किया गया? पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की गैरमौजूदगी ने पहले प्रशंसकों को मैदान में घुसने की छूट दी और उसके बाद खिलाड़ी के अनियंत्रित गुस्से ने पूरे मामले को एक बड़े विवाद में तब्दील कर दिया।



















