पाकिस्तान क्रिकेट के गलियारों में इस समय अनुभवी खिलाड़ी बाबर आजम को लेकर गहरी चिंता छाई हुई है। मौजूदा समय में टीम प्रबंधन के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि उन्हें टीम में रखा जाए या बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इंग्लैंड के दौरे पर खेली जा रही इस तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती दो मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान ने सीरीज पहले ही अपने नाम से गंवा दी थी। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि मेहमान टीम कम से कम आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी साख बचा पाएगी, लेकिन मैदानी हकीकत इसके बिल्कुल उलट साबित हुई और पुरानी गलतियां फिर से दोहराई गईं।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की पहली पारी का हाल
सीरीज के आखिरी और तीसरे मुकाबले की पहली पारी में पूरी पाकिस्तानी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और केवल 133 रन बनाकर सिमट गई। इस महत्वपूर्ण पारी के दौरान कप्तान बाबर आजम ने 18 गेंदों का सामना करते हुए केवल सात रन बनाए और पवेलियन लौट गए। हैरानी की बात यह रही कि बल्लेबाजी क्रम के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में से एक भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छूने में नाकामयाब रहा। पारी के दौरान केवल साउद शकील, रजाउल्ला और मोहम्मद अब्बास ही दहाई का अंक पार करने में सफल हो सके, जिससे पूरी टीम गहरे संकट में नजर आई।
वापसी के बाद भी नहीं चल रहा बल्ला
बाबर आजम के लिए यह खराब दौर पिछले कुछ समय से लगातार जारी है। फिटनेस संबंधी समस्याओं के कारण वह श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। इसके बाद जब उन्होंने दूसरे मैच में वापसी की, तो पहली पारी में उनके बल्ले से आठ रन निकले और दूसरी पारी में वह महज छह रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह से इस दौरे पर खेली गई तीनों पारियों में से एक बार भी वह दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं, जिसका सीधा असर उनके समग्र टेस्ट औसत पर भी पड़ा है। हालांकि, श्रृंखला के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही उनके आंकड़ों की असली तस्वीर सामने आ पाएगी।
चार साल से टेस्ट शतक का इंतजार
बाबर आजम के करियर का सबसे बड़ा सूखा उनके टेस्ट शतकों को लेकर चल रहा है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का आखिरी शतक दिसंबर 2022 में लगाया था। उस समय कराची के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला खेला जा रहा था, जिसमें उन्होंने पहली पारी के दौरान शानदार 161 रनों की पारी खेली थी। उस मुकाबले को बीते हुए लगभग चार साल का लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन तब से लेकर आज तक उनके बल्ले से कोई शतकीय पारी देखने को नहीं मिली है। इस लंबे अंतराल के दौरान गिने-चुने मौकों पर ही उनके बल्ले से अर्धशतक निकले हैं, जबकि अधिकांश पारियों में वह सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटते रहे हैं।
टीम से बाहर होने का मंडरा रहा खतरा
अपने पिछले शतक के बाद से लेकर अब तक बाबर आजम कुल 39 टेस्ट पारियां खेल चुके हैं, जिनमें वह अपनी पुरानी फॉर्म हासिल करने में असफल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के खराब प्रदर्शन के बाद एक बार फिर इस बात की प्रबल संभावना बन रही है कि चयनकर्ता उन्हें आगामी मुकाबलों से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन के लिए उनका यह खराब फॉर्म एक सिरदर्द बनता जा रहा है।


















