अमेरिका में आगामी मिड टर्म चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में गिने जाने वाले एलन मस्क ने राजनीतिक संगठनों और दक्षिणपंथी उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले समूहों को भारी-भरकम रकम दान की है। इस बड़े वित्तीय सहयोग ने अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर दोनों दिग्गजों के बीच की समीकरण को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
मस्क बने सबसे बड़े निजी डोनर
जुलाई महीने से लेकर अब तक एलन मस्क ने कुल 276 मिलियन डॉलर की राशि चुनावी फंड में दी है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब ₹26383033200 बैठती है। इस भारी भरकम डोनेशन के बल पर वह 3 नवंबर को होने वाले मिड टर्म चुनाव के सबसे बड़े निजी डोनर के रूप में उभरे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल एक आम चुनावी चंदा नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच का राजनीतिक तालमेल फिलहाल पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।
ट्रंप और मस्क के रिश्तों का नया समीकरण
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच के संबंध समय-समय पर काफी चर्चा का विषय रहे हैं। कभी दोनों के बीच अनबन की खबरें सामने आती हैं, तो कभी राजनीतिक जरूरतों के तहत दोनों एक मंच पर नजर आते हैं। चुनावी चंदे की इस भारी रकम को मस्क की वफादारी साबित करने और ट्रंप कैंप के साथ अपने रिश्तों को प्रगाढ़ करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में दोनों के बीच की राजनीतिक गतिशीलता में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन ताजा फंडिंग से यह साफ हो गया है कि चुनावी माहौल में दोनों के हित एक बार फिर आपस में जुड़ गए हैं।
चुनावी राजनीति पर असर
अमेरिका के मिड टर्म चुनाव के लिहाज से यह डोनेशन बेहद अहम माना जा रहा है। दक्षिणपंथी संगठनों को मिला यह वित्तीय समर्थन चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की स्थिति को मजबूत करने का काम करेगा। एलन मस्क द्वारा इतनी बड़ी राशि झोंकने से चुनावी प्रचार के समीकरण बदल सकते हैं और इसका सीधा असर मतदान के परिणामों पर पड़ सकता है। राजनीतिक दलों और संगठनों के बीच इस तरह की फंडिंग से चुनाव का माहौल और अधिक आक्रामक हो गया है।



















