भारत से दूर मध्य अमेरिका के पनामा में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां धरती डोलने से लोगों में दहशत फैल गई है। पनामा में भारतीय समयानुसार मंगलवार यानी सोमवार को एक बार फिर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस ताजा भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई है। यह ताजा झटका ऐसे वक्त में आया है जब कुछ दिन पहले ही देश भीषण भूकंप की चपेट में आया था और इलाके में लगातार आफ्टरशॉक्स का सिलसिला चल रहा है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS के आंकड़ों के मुताबिक, ताजा भूकंप की तीव्रता 6 दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को पनामा के दक्षिणी तट पर दो बेहद शक्तिशाली भूकंप आए थे। शुक्रवार को आए पहले बड़े झटके की शुरुआती तीव्रता 8 आंकी गई थी, जिसे बाद में तकनीकी तौर पर संशोधित कर पहले 7.6 और फिर 7.7 किया गया था। इस भारी तबाही वाले भूकंप के बाद से ही पूरे क्षेत्र में लगातार भूगर्भीय हलचल बनी हुई है और धरती बार-बार कांप रही है।
शुक्रवार को आए उस मुख्य शक्तिशाली भूकंप का केंद्र पनामा के हेरेरा प्रांत में पितालोजा अरिबा नामक एक दूरदराज क्षेत्र से लगभग 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में था। इस भूकंप का उद्गम स्थल जमीन के भीतर महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। विज्ञान के जानकारों के अनुसार, इतनी कम गहराई पर आए भूकंप सतह पर ज्यादा तबाही मचाते हैं और इनके झटके काफी तेज महसूस होते हैं। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस आपदा से किसी तरह के बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना अब तक सामने नहीं आई है।
शुक्रवार के विनाशकारी झटके के बाद सोमवार को आया 6 तीव्रता का यह झटका उसी लंबी श्रृंखला का हिस्सा है जिसे आफ्टरशॉक्स कहा जाता है। बड़े भूकंप के आने के बाद पृथ्वी की अंदरूनी परतों में चट्टानों और टेक्टोनिक प्लेटों के बीच बने तनाव का संतुलन दोबारा स्थापित होने की प्रक्रिया चलती है, जिसके कारण ये झटके लगातार आते हैं। मुख्य भूकंप के थम जाने के बाद भी ये आफ्टरशॉक्स कुछ समय तक जारी रह सकते हैं और इनकी तीव्रता कभी कम तो कभी बहुत तेज हो सकती है, जिससे प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है।


















